अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। अल्हागंज के बेलाखेड़ा गांव में सतीश की हत्या गुरुवार की रात ही बनी और उसे अंजाम भी रात में ही दे दिया गया।
बेलाखेड़ा में ब्र्ह्मदेव के रूप में पहचाने जाने वाला पीपल का पेड़ आबादी से करीब 200 मीटर दूर एक खेत को जाने वाली मेड़ के किनारे है। सतीश उर्फ रिंकू फर्रुखाबाद स्थित अपने घर से नाराज होकर बेलाखेड़ा आया था। उसकी वेशभूषा बिल्कुल बाबाओं जैसी थी। यहां पेड़ के नीचे चबूतरे पर उसने अपना ठिकाना बना लिया था।
सतीश की यह चाल थी या अति आत्मविश्वास, यह तो कोई नहीं जानता। उदयभान और अनूप से उसने दावा किया था कि पूजा करने से धन निकलेगा। उसने यह भी कहा था कि अगर बात सही न निकले तो उसकी बलि चढ़ा देना। गांव के लोगों को इन सब बातों की खबर थी। अनुष्ठान शुरू होेने के बाद से सतीश के साथ ही अनूप और उदयभान ने लोगों का उधर आना बंद कर दिया था। रात को वहां हवन होता था।
पूजा के लिए लाई गई थी तलवार
अनुष्ठान के लिए शंख, हवन कुंड आदि के साथ तलवार का भी इंतजाम किया गया था। तलवार को उदयभान कानपुर से खरीदकर लाया था।
गांव में जगह-जगह दबिश
मामले में नामजद अनूप और उदयभान की तलाश पुलिस ने सुबह ही शुरू कर दी थी। रात को भी दरोगा बलराम सिंह ने फोर्स के साथ छापामारी की।
गांव वाले मुंह खोलने को तैयार नहीं
बेलाखेड़ा के लोगों ने घटना का खुलासा होने के बाद मुंह बंद कर लिया है। अनूप और उदयभान क्या करते हैं और वे कैसे लालच में आ गए, ऐसे सवालों का जवाब पाने के लिए पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की, मगर किसी ने कुछ नहीं बताया। पुलिस यह तो मान ही रही थी कि घटना के बाद वे कहीं छुप गए हैं, मगर यह भी किसी ने नहीं बताया कि उनकी रिश्तेदारी कहां-कहां हो सकती हैं।