महिलाओं ने कच्ची शराब की 26 भट्ठियां तोड़ीं
- नरायनपुर में कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री होने से थीं परेशान
- घर के मुखिया शराब पीकर घर में मचाते हैं उत्पात, युवा भी नशे के आदी हो रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/ रोसया (संतकबीरनगर)। धनघटा क्षेत्र कच्ची शराब का गढ़ बन चुका है। प्रशासन की ओर से कभी- कभार अभियान के नाम पर कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन कच्ची शराब के अवैध निर्माण और बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है, जिसकी वजह से सोमवार को नरायनपुर गांव की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाएं हाथ में डंडा लेकर कच्ची शराब के ठिकानों पर पहुंचीं तो धंधेबाज भाग खड़े हुए। उसके बाद महिलाओं ने शराब की भट्ठियों को तोड़ कर नष्ट कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि नरायनपुर गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री बड़े पैमाने पर होती है, जिसकी शिकायत कई बार आबकारी और पुलिस विभाग से की गई, लेकिन पुलिस गांव वालों की बातों को अनसुनी करती रही। कच्ची शराब का सेवन करके घर के मुखिया जहां परिजनों को परेशान कर रखे थे, वहीं युवा वर्ग भी दिन प्रति दिन नशे की जद में आते जा रहे है। आजिज आकर सोमवार को गांव की किरन, रीता, सिमरवती, परमशीला, नीलम, शुकलावती, गौरी, गायत्री, किशा आदि महिलाएं हाथ में डंडा लेकर घर से निकल पड़ीं। उसके बाद जहां- जहां कच्ची शराब बनाई जाती थी, वहां- वहां पहुंच कर करीब 26 भटिठयों को नष्ट कर डाला। इतना ही नही काफी मात्रा में लहन भी नष्ट किया। बनाकर रखी गई कच्ची शराब को भी जमीन पर गिरा दिया। महिलाओं का कहना है कि इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जब तक डायल 112 नंबर की टीम पहुंची, तब तक महिलांए अभियान समाप्त कर चुकी थीं। एसओ रोहित प्रसाद ने इस तरह की किसी भी कार्रवाई की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की। जिला आबकारी अधिकारी राम प्रकाश तिवारी ने बताया कि धनघटा क्षेत्र में लगातार उनकी टीम पुलिस के सहयोग से छापा मार रही है। क्षेत्र में जहां कहीं कच्ची शराब बनाने और बेचने की सूचना मिलती है, वहां कार्रवाई जरूर कराई जाती है। टीम को निर्देश दिए गए है कि नरायनपुर में विशेष नजर रखे, ताकि वहां कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री न होने पाएं।