दो ऑक्सीजन प्लांट, फिर भी हर माह खरीद रहे 25 हजार की आक्सीजन
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में 10 माह पूर्व दो आक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। उसका बकायदा उद्धाटन भी हुआ, लेकिन आक्सीजन प्लांट अभी तक चालू नहीं हो सका है। परिसर में प्लांट लगने के बावजूद अस्पताल प्रशासन हर माह 25 हजार की ऑक्सीजन बाहर से खरीदकर कर मरीजों को उपलब्ध करा रहा है। इससे ऑक्सीजन प्लांट पर सवाल उठने लगे हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल में कोरोना महामारी के दौरान मई 2021 में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। इस प्लांट से 200 बेड के एमसीएच विंग (जिसमें कोविड अस्पताल बना है) को पाइप लाइन के सहारे ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई। हालांकि, अभी एमसीएच विंग में कोविड का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। इसके बावजूद विभाग ने इस अस्पताल को पूरी तरह से तैयार कर रखा है, ताकि तीसरी लहर आने पर मरीजों को भर्ती किया जा सके। वहीं, अस्पताल परिसर में बने आईसीयू वार्ड, पीआईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं दी गई। वर्तमान में इन दोनों वार्डों में बुखार पीड़ित मरीज और बच्चे भर्ती हैं। हालात यह है कि अधिकतर मरीजों को आक्सीजन की जरूरत है। जिला अस्पताल इन मरीजों के लिए ऑक्सीजन की खरीद मगहर की एक प्राइवेट कंपनी से करता है और हर माह इस पर 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। अगर इन दोनों विंग में प्लांट से पाइप लाइन के सहारे ऑक्सीजन की सप्लाई की व्यवस्था हो जाए तो हर माह हजारों रुपये बच जाएंगे। पीआईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के सारे पैनल भी लगाए जा चुके हैं। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट परिसर में लगा तो जरूर है, लेकिन इस पर अधिकार सीएमओ कार्यालय का है, उन्हीं के स्तर से इसे जोड़ा जा सकता है।
ऑक्सीजन प्लांट में लगा रहता है ताला
जिला अस्पताल परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांट में ताला लटक रहा है। इसका रखरखाव ठीक तरीके से नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए कोई भी ऑपरेटर नहीं है। पिछले दिनों तैनात ऑपरेटर मानदेय न मिलने से छोड़ कर चला गया। इससे प्लांट नहीं चल पा रहा है।
आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड ऑक्सीजन प्लांट से नहीं जुड़ पाए हैं। इसके संचालन में कुछ दिक्कते हैं। जल्द ही समस्या का हल कर अस्पताल को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू कराई जाएगी। साथ ही प्लांट की देखरेख भी हो सकेगी।
-डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ
प्राइवेट कंपनी से आक्सीजन खुद खरीदते हैं और मरीजों को उपलब्ध कराते हैं। अगर परिसर में लगे आक्सीजन प्लांट से आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड को जोड़ दिया जाए तो ऑक्सीजन की सप्लाई आसानी से हो सकेगी। इसके लिए सीएमओ कार्यालय से पत्राचार किया गया है।
-डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस