संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के पटखौली निवासी अधिवक्ता सत्यनारायण सिंह के पौत्र के अपहरण की घटना पुलिस जांच में झूठी निकली। छात्र ने अपहरण की कहानी बता कर परिवार व पुलिस को गुमराह किया। कोचिंग जाने के डर से छात्र ने अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। सीसीटीवी की जांच में शहर के कई स्थानों पर छात्र अकेले ही पैदल देखा गया।
बता दें कि 23 सितंबर को थाना कोतवाली खलीलाबाद में पटखौली निवासी अधिवक्ता सत्यनारायण सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनका 12 वर्षीय नाती शहर खलीलाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय से पैदल 1:30 बजे पटखौली स्थित घर जा रहा था।
रास्ते में स्थित एक हाॅस्पिटल के निकट काले रंग की कार में सवार तीन लोगों ने उनके नाती का मुंह दबाकर गाड़ी में बैठा लिए। फिर उसे इंडस्ट्रियल एरिया के पास ले जाकर छोड़ दिया। वहां से उनका नाती बाईपास चौराहे तक पैदल आया और पुलिस को सूचित किया।
मामले की सूचना के बाद एसपी संदीप कुमार मीना पुलिस अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण स्वयं किए तथा घटना का अनावरण करने के लिए पुलिस टीम का गठन किया।
टीम की जांच के दौरान प्रकाश में आया कि बालक स्कूल से अकेले समय माता मंदिर खलीलाबाद की तरफ से मेंहदावल बाईपास पर आया, फिर वहां से मेंहदावल बाईपास होते हुए मगहर की तरफ एक होटल के आगे एक मैरिज हॉल तक गया।
मैरिज हॉल के सामने 10 मिनट तक रुका रहा, फिर वहां से उसी रास्ते वापस मेंहदावल बाईपास पर आया। उस दौरान उसके आसपास कोई गाड़ी या कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। बालक ने पूछताछ में बताया कि कोचिंग जाने के डर से अपहरण की फर्जी कहानी बनाई थी।