संतकबीरनगर। कलक्ट्रेट पर पेट्रोल लेकर आत्मदाह के लिए पहुंचे खीरचंद का विवाद प्रशासन की गले की फांस बन गया है। खीरचंद जिस जमीन से रास्ता मांग रहे वह दूसरे की है। नायब तहसीलदार हरेराम यादव की जांच में भी दूसरे की जमीन से होकर रास्ता मांगना पाया गया। ऐसे में प्रशासन उन्हें कैसे रास्ता दिलाएगा, ये बड़ा सवाल है।
तहसील प्रशासन इसके पूर्व भी कई बार इस विवाद को लेकर खीरचंद से बातचीत कर चुका है पर वह नहीं मानें। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार को खीरचंद के मामले की पड़ताल की यह बात सामने आई।
बता दें कि धनघटा क्षेत्र के तिघरा निवासी खीरचंद मंगलवार को कलक्ट्रेट पर जनता दर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने डीएम की गैर मौजूदगी में फरियाद सुन रहे एडीएम जय प्रकाश को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमे कहा था तिघरा में पत्नी ज्ञानमती देवी के नाम 5 से 6 बिस्वा जमीन बैनामा कराया है। गांव के बगल के कुछ लोग मिलकर जबरदस्ती उसकी जमीन के सामने पीडब्ल्यूडी की जमीन पर जबरन कब्जा करके रास्ता अवरूद्ध कर रहे हैं। मना करने पर उक्त लोग लाठी-डंडा लेकर मारने को तैयार हो जाते हैं और उनको जान माल की धमकी देते रहते हैं।
बार-बार थाना दिवस तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अपने पास बोतल में रखा पेट्रोल निकाल लिया और अपने ऊपर डालने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया। इस घटना के बाद कलक्ट्रेट में हड़कंप मच गया।
इसके बाद एडीएम के निर्देश पर एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार दलबल के साथ खीरचंद के घर गए और रास्ते के मामले को देखा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जहां पर खीरचंद की जमीन समाप्त होती है उसके बाद दूसरे की जमीन है।
नायब तहसीलदार हरेराम यादव का कहना है कि मौके पर जांच की गई है। जहां से खीरचंद रास्ता मांग रहे वह दूसरे की जमीन है। रिपोर्ट तैयार हो रही है, जिसे एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। संवाद