जिला अस्पताल में बच्चों की जांच करते हुए चिकित्सक । संवाद
संतकबीरनगर। ठंड में कोल्ड डायरिया, निमोनिया, हाइपोथर्मिया आदि बीमारियों का असर दिखाई देने लगा है। बच्चों को इनसे ज्यादा खतरा है।
डॉक्टर के अनुसार, बच्चे काफी जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अगर ठंड में बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, नाखून हल्के नीले दिख रहे हों, कंपकंपी हो तो यह हाइपोथर्मिया के लक्षण हो सकते हैं। इसमें शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है।
अगर बच्चों के नाखून नीले और सांस लेने में तकलीफ हो तो इसे गंभीरता से लें, क्योंकि यह कोल्ड डायरिया के लक्षण हैं। ठंड बढ़ने से इन दिनों जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ है।
पिछले एक सप्ताह में इस तरह के 12 बच्चे भर्ती हुए हैं, जबकि ओपीडी में रोजाना औसतन 150 बच्चे पहुंच रहे हैं।बालरोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कोल्ड डायरिया और हाइपोथर्मिया से बचाव के लिए सफाई और ताजा खान-पान जरूरी है। बताया कि बच्चों की दूध की बोतल को पानी में उबाल कर प्रयोग करें। बच्चों को ढककर रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनाएं।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करने दें। मच्छरों से बचाव करें। फास्ट फूड से बचें। गुनगुना पानी पीयें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें।