पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
संतकबीरनगर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले बृहस्पतिवार को शिक्षकों व कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान कर्मियों ने कहा कि पेंशन हमारा हक है, इसे लेकर रहेंगे। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को सौंपा गया।
शिक्षक व कर्मचारी सुबह 11 बजे जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष विजय प्रताप पाल ने कहा कि एक अप्रैल 2005 से लागू दोषपूर्ण नई पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू किया जाना जरूरी है। मंच के संरक्षक गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की तरह एसीपी, कैसलेश चिकित्सा सुविधा, उपार्जित अवकाश व द्वितीय शनिवार को अवकाश प्रदान करने तथा बेसिक विद्यालयों में संविलियन निरस्त कर विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति करते हुए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किए जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों को संबंधित कार्यालयों का चक्कर काटने की परिस्थितियों को बंद किया जाना चाहिए। माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष हरिबख्श सिंह ने कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 व सुबह आठ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक माध्यमिक विद्यालयों को खोले जाने का शासनादेश वापस लिया जाए। ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता ने कहा कि रसोइयों, आंगनबाड़ी, आशा वर्करों, पीआरडी, होमगार्ड एवं रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ की अध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों व कर्मचारियों का हक है। इससे हमें वंचित नहीं किया जा सकता है।
इस दौरान अभय कुमार चौधरी, बुधिराम चौधरी, रवि चौधरी, वीपी सिंह, सुरेश कुमार, साबिर अली, राजेश श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह, विजेंद्र श्रीवास्तव, दूबरनाथ, ओम प्रकाश यादव, केसी सिंह, विजय नाथ यादव, जफीर अली, अजय कुमार सिंह, अशोक पाठक, उमेश चंद्र, अजय यादव, जय सिंह, सुनील दत्त, श्रवण पाल सिंह आदि मौजूद रहे।