आशा कार्यकर्ताओं को नहीं मिला स्मार्टफोन
- जिले में कार्यरत हैं करीब दो हजार आशा, मात्र 630 को मिले स्मार्टफोन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए सभी को स्मार्ट फोन उपलब्ध के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे मंशा है कि आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं से संबंधित डाटा भेजने में आसानी होगी, लेकिन स्मार्टफोन वितरण की मुहिम को अब तक मुकाम नहीं मिला है। स्थिति यह है कि जिले की छह ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं को अब भी स्मार्टफोन का इंतजार है।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के प्रथम कार्यकाल में दिसंबर 2021 में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की शुरूआत हुई थी। शासन की मंशा है कि स्मार्टफोन से जुड़ने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को फिल्ड में कार्य करने में काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें अनावश्यक रूप से डायरी आदि लेकर चलने से निजात मिलेगी। साथ ही फील्ड से सीधे ऑनलाइन डाटा अपलोड कर सकेंगी। यही नहीं इससे काम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इस योजना के तहत जिले में कार्यरत करीब दो हजार आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन अब तक मात्र तीन ब्लॉकों में ही आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध हो सका है। इसमें खलीलाबाद, बघौली व पौली ब्लॉक की आशा शामिल हैं। नाथनगर, हैंसरबाजार, सेमरियावां, बेलहरकला, सांथा व मेंहदावल ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं को अब भी स्मार्टफोन का इंतजार है। आशा कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि जल्द से जल्द सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराया जाए। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि प्रथम चरण में मात्र 630 स्मार्टफोन उपलब्ध हुआ था, जिसका वितरण करा दिया गया है। अब विधानसभा चुनाव पूर्ण हो चुका है, ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही शेष स्मार्टफोन मिलेगा। जैसे ही स्मार्ट फोन उपलब्ध होगा, उसका वितरण करा दिया जाएगा।