महाशिवरात्रि : हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
-तामेश्वरनाथ मंदिर में सबसे अधिक जुटे श्रद्धालु
-पुलिस व्यवस्था रही चुस्त
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। महाशिवरात्रि पर्व पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ा। जगत का कल्याण करने वाले भगवान शिव का जलाभिषेककर पूजा-अर्चना करने के लिए भोर से ही श्रद्धालु नहा धोकर शिव मंदिरों की ओर चल पड़े। सर्वाधिक भीड़ तामेश्वरनाथ मंदिर पर रही। जहां रात दो बजे से मंगलवार दोपहर तक काफी संख्या में लोगों ने बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर में शिव लिंग पर जल चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्जन के साथ मनोवांछित कामनाओं को पूरा होने के लिए महादेव से मनुहार की।
सोमवार देर शाम से ही श्रद्धालुओं का जत्था तामेश्वरनाथ मंदिर पर आना शुरू हो गया। मंगलवार भोर से ही तामेश्वरनाथ धाम के शिव मंदिर के सामने स्थित पोखरे से श्रद्धालु जल भरकर पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए। पोखरे की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु मंदिर के सामने लाइन में लग रहे थे। थोड़ी-थोड़ी देर बार जत्था आगे बढ़ता रहा। शिव को जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने कपूर, अगरबत्ती जलाई और जलाभिषेक किया। महिला श्रद्धालुओं ने इस दौरान कराही भी चढ़ाई। तामेश्वरनाथ धाम के मेला व्यवस्थापक समिति के सदस्य ब्रह्मशंकर भारती, शक्तिदत्त भारती, डॉक्टर रामसुरेश पासवान, रोहित भारती ने बताया कि रात्रि डेढ़ बजे गोसाईं परिवार की पूजा-अर्चना के बाद सुदूर अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने भोर से ही सायं काल तक शिवार्चन, आरती, पूजा, जप तप वंदन किया। उनका दावा था कि विगत वर्षों की तुलना में इस बार काफी भीड़ रही। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ अंशुमान मिश्र, एसडीएम नवीन श्रीवास्तव, कोतवाल विजय नारायन प्रसाद, तामेश्वरनाथ चौकी इंचार्ज शैलेंद्र शुक्ला सहित काफी फोर्स लगी रही। बखिरा, मेंहदावल, लोहरौली, धनघटा, मगहर प्रतिनिधियों के अनुसार भोर होते ही श्रद्धालुओं ने बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर, डिगेश्वरनाथ मंदिर, पंचमुखी शिवमंदिर, कंकडेश्वरनाथ शिवमंदिर, कोपिय शिवमंदिर, सिद्घनाथ शिवमंदिर, हहैश्ररनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर, बाबा मुंडेश्वरनाथ शिवमंदिर समेत अन्य शिवमंदिरों में पहुंच कर जलाभिषेक किया।
तिघरा प्रतिनिधि के अनुसार महाशिवरात्रि पर कोपिया स्थित कोपेश्वरनाथ मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कतार में खड़ा होकर बारी-बारी से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में लगे मेले में आसपास क्षेत्र के लोगों ने खूब जमकर खरीदारी की। धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार महुली बऊरहवा बाबा मंदिर, महुली उत्तर चौराहे पर स्थित नौ नाथ शिव मंदिर, तरयापार स्थित शिव तरेसर मंदिर, मुडियारी स्थित मुंडेश्वर नाथ शिव मंदिर और काली जगदीशपुर स्थित बुढ़वा बाबा शिव मंदिर पर जलाभिषेक को लेकर लोगों की भीड़ रही।
जादू, सर्कस और झूला रहा आकर्षण
तामेश्वरनाथ के शिव मंदिर पर जलाभिषेक के बाद परिसर में लगे मेले में जादू, सर्कस और झूला आकर्षण का केंद्र रहा। घरेलू सामान, कृषि उपकरण, बिसाते के सामान, सुहाग की वस्तुओं की खरीदारी ग्रामीण अंचलों से आए लोग करते देखे गए। खजले की दुकानें लोगों को लुभाती रही। गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष खजले की दुकानों में बढ़ोतरी रही। लोग मेले का आनंद लेते रहे।
गायत्री शक्तिपीठ में महाशिवरात्रि पर हुआ रुद्राभिषेक
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। गायत्री शक्तिपीठ मुखलिसपुर में महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक एवं भगवान शिव की सामूहिक आराधना की गई। शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी एवं आचार्य सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि भगवान शिव को अपर्ण की जाने वाली समस्त सामग्री मानव जीवन के मूल्यों के लिए अत्यंत आवश्यक एवं औषधि परक तत्व है। ऐसे सभी संस्कार या पूजा, जिसे सामूहिक रूप से किया जाता है, वही पर्व या त्योहार कहलाता है। इसलिए इंसान को ऐसे सामूहिक पर्व या त्योहार निरंतर मनाते रहना चाहिए, जो कि बहुत ही कल्याणकारी होता है। कार्यक्रम का संचालन महेश जायसवाल ने किया। इस मौके पर एडवोकेट अरुण श्रीवास्तव, रामअनुज राय, प्रशांत श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह, दूधनाथ यादव, उमाशंकर मौर्य, नंदलाल कसौधन, प्रभाष श्रीवास्तव और प्रखर श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।