अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट ने गैर इरादातन हत्या का प्रयास करने के सात आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए दोषमुक्त कर दिया।
थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम तामा निवासी प्रदीप राय ने आरोप लगाया कि 18 अगस्त 2011 को सांय 5.30 बजे ग्राम पंचायत के लोगों के शिकायत पर राशन के दुकान के बाबत जिला पूर्ति अधिकारी की टीम जांच कर रही थी। गांव के तमाम लोग थे। उसी समय वकील राय पूर्व प्रधान को तामा के श्रीनारायण उर्फ पिलाड़ी राय आदि यह कहते हुए कि यही जांच करा रहा है इसको मार डालो और मारन-पीटने लगे। अपने हाथ में कट्टा लेकर जान से मारने की नीयत से घर में घुसकर मारे पीटे, तोड़ फोड़ किए। थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आठ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण आरोपी विजय प्रकाश राय की मृत्यु हो गई।
अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट में छह गवाहों की गवाही हुई। कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोप साबित नहीं पाए जाने पर थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम तामा के श्रीनारायण उर्फ पिलाड़ी, राजेश उर्फ गुड्डू राय, राज नारायण उर्फ बबलू, शिव राम उर्फ श्री निवास राय, छोटे लाल उर्फ गुड्डू शर्मा, सुबोध राय, गंगा राय निवासीगण ग्राम तामा थाना धनघटा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।