दूसरों के खाते में भेज दिया पांच लाभार्थियों के आवास की रकम
- आठ माह से ब्लॉक का चक्कर लगा रही महिला लाभार्थी
- बीडीओ से लगाई न्याय की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पात्र गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। पात्रों का आवास स्वीकृत होने के बाद भी रकम दूसरों के खाते में भेज दी जा रही है। पौली ब्लॉक क्षेत्र के मड़पौना में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार को पीएम आवास के पांच महिलाएं बीडीओ से मिलीं। आरोप है कि आठ महीने पूर्व उनके आवास की रकम दूसरों के खाते में भेज दी गई। तभी से वह लोग कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं। किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया।
मड़पौना गांव निवासी गीता पत्नी सुभाष, कदमा पत्नी किशुन, मीरा पत्नी परशुराम, बर्फा पत्नी चतुरी, सुभावती पत्नी राम सुरेश ने बताया कि उन लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में था। अक्तूबर 2021 को आवास स्वीकृत हुआ। प्रथम किस्त की धनराशि 40,000 रुपये खाते में भेजे जाने की बात ग्राम पंचायत अधिकारी के जरिए बताया गया। लाभार्थियों ने बताया कि बड़ौदा यूपी बैंक की शाखा पौली पर पहुंच कर रकम निकासी के लिए गए तो पता चला की खाता में धनराशि है ही नहीं। जब वह ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी से जानकारी ली तो पता चला कि लाभार्थियों की धनराशि गांव के किसी दूसरे के खाते में चला गया है।
लाभार्थियों का कहना है ब्लॉक कार्यालय, संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। प्रधान प्रतिनिधि कुलदीप चौहान ने बताया कि इन लाभार्थियों की रकम त्रुटि की वजह से दूसरे के खाते में चली गई है। रकम को वापस करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है, लेकिन वह लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि पात्र होते ही हुए गरीब परिवार के लोग आवास से वंचित होकर अधिकारियों के कार्यालय की दौड़ लगा रहे है। आठ महीने का समय गुजर गया और जिम्मेदारों ने इस दिशा में अभी तक रुचि नहीं दिखाई।
मड़पौना गांव के पांच लोगों के आवास का धन गांव निवासी दूसरे लोगों के खातों में चला गया है। उन लोगों को धन की वापसी के लिए दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। जल्द से जल्द रकम की वापसी नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश सिंह, बीडीओ, पौली
लाभार्थियों के आवास की रकम दूसरों के खाते में भेजे जाना गंभीर प्रकरण है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि मामला सही मिला तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, सीडीओ