- बस डिपो न होने से सात सीटर वाहनों व डग्गामार बसों पर नहीं हो पा रही कार्रवाई
- गिरते हुए राजस्व को देखते हुए परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक ने दिए हैं अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश
- वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे चल रही अस्थाई बस अड्डा की निगरानी
संतकबीरनगर। परिवहन निगम की ओर से डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन परिवहन निगम के सामने सबसे बड़ी कमी संसाधनों को लेकर आ रही है। डिपो न होने से यहां पर निगम के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। मेंहदावल बाईपास पर अस्थाई बस अड्डा बनाया गया है। कर्मचारियों के बैठने के लिए भी आज तक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है, जिसकी वजह से कर्मचारी चाय की गुमटियों में बैठकर बस अड्डा का संचालन करते हैं।। इससे जिम्मेदार डग्गामार बसों पर कार्रवाई करने के लिए जूझ रहे हैं।
खलीलाबाद मुख्यालय पर राज्य सड़क परिवहन निगम का कोई स्थाई कार्यालय अथवा बस डिपो नहीं है। इसकी वजह से विभाग ने अपने कुछ कर्मचारियों को शहर के मेंहदावल बाईपास स्थित अस्थाई बस अड्डे की निगरानी के लिए लगाया है। ऐसे में प्रबंध निदेशक ने गिरते हुए राजस्व को देखते हुए दो से नौ अगस्त तक अभियान चलाने के निर्देश दिए। बस डिपो के आसपास एक किलोमीटर की परिधि में कोई भी डग्गामार वाहन खड़ा कर सवारी न भरने पाए। जांच में ऐसा मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके बाद क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर के आदेश पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती ने बुकिंग लिपिक टीएन दूबे, प्रीतम, रामसागर राय को खलीलाबाद बस स्टेशन की जिम्मेदारी सौंपी। जबकि यहां पर जनपद सृजन के बाद से ही यहां अबतक कोई स्थाई बस डिपो नहीं है। इसके वजह से शहर के मेंहदावल बाईपास पर अस्थाई बस अड्डा बनाया गया है। कर्मचारियों के बैठने के लिए भी आज तक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है, जिसकी वजह से कर्मचारी चाय की गुमटियों में बैठकर बस अड्डा का संचालन करते हैं।
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विभागीय आदेश का अनुपालन किया जा रहा है। एआरटीओ व यातायात पुलिस की भी मदद ली जा रही है। डग्गामार वाहनों के रोकथाम के लिये हर संभव प्रयास चल रहा है।
- टीएन दूबे, प्रभारी बस अड्डा, खलीलाबाद