- घटना की जानकारी होने के बाद एसपी, एएसपी व सीओ ने पहुंचकर की जांच, दिल्ली में मिली मोबाइल की लोकेशन
- पुलिस ने ली राहत की सांस, वन दरोगा के कारनामों से विभाग को देंगे जानकारी
संतकबीरनगर। गोरखपुर में तैनात वन दरोगा ने आवंटित सीयूजी नंबर गायब होने के बाद विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए संतकबीरनगर में लूट की फर्जी सूचना पुलिस को दी थी। इससे जिले की पुलिस रात भर हलकान रही। जांच में वन दरोगा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन चार अगस्त को दिल्ली में मिली। इसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने झूठी सूचना देने की बात कबूल कर ली। पुलिस अब वन विभाग को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजेगा।
थानाध्यक्ष महुली रजनीश राय ने बताया कि जौनपुर जिले के जौनपुर देहात थाना क्षेत्र के माधोपुरपट्टी के रहने वाले अजब सिंह चौधरी गोरखपुर के चौरीचौरा में वन विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं। वह मंगलवार रात गोरखपुर से बाइक लेकर खलीलाबाद धनघटा मार्ग होकर जौनपुर स्थित अपने घर जा रहे थे। महुली क्षेत्र के मैनसिर के पास मंगलवार की रात उन्होंने पुलिस को सवार बदमाशों की ओर से चेन, अंगूठी व मोबाइल लूटे जाने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वारदात की जानकारी ली और जांच में जुट गई।
पूछताछ में पाया गया कि 28 जुलाई को वन दरोगा औरैया जनपद से ट्रांसफर होने के बाद गोरखपुर अपने तैनाती स्थल जा रहे थे। रास्ते में उनका सरकारी सीयूजी नंबर कहीं गायब हो गया। गोरखपुर जाकर अपने कार्यस्थल पर योगदान देने के बाद विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए उसने लूट की साजिश झूठी सूचना दे दी। पूर्व में वह इस जिले के बखिरा क्षेत्र में तैनात रहे हैं। इसके वजह से जिले की भौगोलिक स्थित की जानकारी थी और उन्होंने अपनी काल्पनिक लूट की घटना की कहानी को अंतिम रूप देने के लिए धनघटा मार्ग को चुना। जांच में पूरा मामला झूठा पाया गया। इस मामले में पुलिस ने वन दारोगा को मौके से छोड़ दिया है, लेकिन विभागीय कार्रवाई के लिए वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
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यहां हुआ पुलिस को शक
वन दरोगा के साथ लूट की सूचना के बाद पुलिस के कान खड़े हो गये। आनन-फानन में महुली पुलिस के साथ ही एसपी संदीप मीना, सीओ प्रियम राजशेखर पांडेय के साथ तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए। अंगूठी लूट की जानकारी होने के बाद पुलिस ने जब वन दरोगा का हाथ चेक किया तो अंगुली पर अंगूठी पहनने का निशान नहीं मिला। यही नहीं उनके गायब मोबाइल की लोकेशन चार अगस्त को दिल्ली में मिली। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो दरोगा ने सच उगल दिया।
यू-ट्यूब से पर सर्च की थी लूट की कहानी
पुलिस पूछताछ और जांच में वन दरोगा के पास एक और मोबाइल बरामद हुआ। इसकी यू-ट्यूब की हिस्ट्री खंगाली गई तो सरकारी मोबाइल गायब होने के बाद दरोगा से यू-ट्यूब पर इससे बचने का उपाय तलाश किए थे। लूट की कहानी गढ़ने के लिए उसने कई मटेरियल सर्च किया था, जिसके बाद पुलिस को कहानी बताई। मगर उसकी मोबाइल की हिस्ट्री ने पोल खोल दी।
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गोरखपुर में तैनात वन दरोगा ने लूट की फर्जी सूचना दिया था। उसका सरकारी नंबर गायब हो गया था। पूछताछ में विभागीय कार्रवाई के डर से लूट की कहानी गढ़ी। मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए वन विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
संदीप कुमार मीना, एसपी