घाघरा की कटान तेज, नौ लोगों का घर नदी में समाहित
- गायघाट दक्षिणी में तेज हुई घाघरा की कटान
- पीड़ित परिवार दूसरे के घरों पर रहने का विवश
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घटते जल स्तर के साथ घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। गायघाट दक्षिणी गांव में स्थित नौ लोगों के मकान को नदी ने 48 घंटे के भीतर अपने में समाहित कर लिया। पीड़ित परिवार दूसरों के घर पर रहने को विवश हैं।
पिछले साल घाघरा ने कटान करते हुए लोगों के खेत को अपने में समाहित कर लिया था। उसके बाद 34 लोगों के मकान भी नदी में समाहित हो गए। नदी तभी से गांव के करीब से बह रही थी। इस वर्ष जब नदी ने कटान शुरू की तो गांव के लोग कटान रोकने की मांग करने लगे। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि प्रशासन ने कटान रोकने का उपाय करने से यह कहकर हाथ खड़े कर लिए कि बांध से दक्षिण कटान नहीं रोका जा सकता है। तभी से एक के बाद एक मकान नदी की धारा में विलीन हो रहे हैं और प्रशासन के जिम्मेदार चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। प्रधान का कहना है कि 48 घंटे के अंदर हरिलाल, रमाकांत, बृजेश, शंकर, सुरेश, राजबली, गामा और सोनू के मकान को नदी ने अपने में समाहित कर लिया। पीड़ित परिवार के लोग दूसरों के घरों पर रहकर प्रशासन से राहत मिलने का उम्मीद कर रहे हैं। नदी इसी तरह कटान करती रही तो 200 घरों वाला गायघाट दक्षिणी गांव जल्द ही अस्तित्व विहिन हो जाएगा। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि गायघाट दक्षिणी में राजस्व कर्मियों को लगा दिया गया है। वह जरूरतमंद लोगों की मदद भी कर रहे हैं।