खतरे के निशान से 100 सेमी ऊपर है राप्ती का जलस्तर
विशुनपुर, नौगो व बेलौली में जलस्तर का प्रभाव कायम
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही शुक्रवार को विभागीय नाप में स्थिर पाया गया। विभागीय अधिकारी नदी की स्थिति को लेकर भले ही राहत की सांस ले रहे हों, लेकिन जल स्तर का दबाव करमैनी-बेलौली तटबंध के कई अतिसंवेदनशील कटान स्थलों पर लगातार बना हुआ है। कई स्थानों पर कटान भी जारी है, जहां विभागीय अधिकारी तटबंध की मरम्मत कर बांध को सुरक्षित करने में जुटे हैं।
मेंहदावल-करमैनी तटबंध पर राप्ती का जलस्तर ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने स्थिर बताया है, लेकिन जल स्तर का दबाव तटबंध के विशुनपुर, बेलौली व नौगो में अब भी बरकरार है। खैरा मंदिर समेत कई जगहों पर कटान की स्थिति को सुधारने के लिए विभागीय अधिकारी जुटे हुए हैं। अब भी राप्ती खतरे के निशान से 100 सेंमी ऊपर है। खतरे के निशान 79.50 मीटर की जगह नदी 80.50 मीटर ऊपर बह रही है। ड्रेनेज खंड द्वितीय के लिए राहत की सांस यह है कि 24 घंटे में नदी का जलस्तर बढ़ने की जगह स्थिर है। विभागीय अधिकारी अब भी तटबंध को सुरक्षित करने में लगे हुए हैं। बांध पर काम करते हुए जल स्तर व बांध की निगरानी कर रहे हैं। ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी का जलस्तर 80.50 मीटर पर स्थिर हो गया है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। तटबंध को सुरक्षित करने के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं, बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।