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निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों ने दिया धरना

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कार्य बहिष्कार कर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देते बिजलीकर्मी ।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों ने दिया धरना
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- मांगों का ज्ञापन अधीक्षण अभियंता को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दो घंटे धरना दिया। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने निजीकरण बिल को वापस लेने, पुरानी पेंशन की बहाली व ऊर्जा निगमों के एकीकरण और सभी वर्गों के वेतन विसंगित को दूर करने व संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
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विद्युत कर्मी मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए और धरना दिए। इस दौरान इंजीनियर धनंजय सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बंदकर उनके साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सांसद, विधायक आदि को पुरानी पेंशन दिया जा रहा है तो 60 साल तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से क्यों वंचित किया जा रहा है। इं. अजय मौर्य ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी बिल जारी कर विभाग को पूरी तरह से निजी हाथों में देने का कार्य किया जा रहा है। यह न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही उपभोक्ताओं के हित में है। नरायण चंद्र चौरसिया ने कहा कि ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए। शैलेंद्र यादव ने कहा कि निजीकरण बिजली निगम के लिए अभिशाप है। निजीकरण होने से बिजली का बिल बहुत अधिक हो जाएगा। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। धरना में धर्मेंद्र कुमार लाल, सरोज कुमार, राजकुमार सिंह, पंकज कुमार, मनोज कुमार, आशीष मिश्र, अच्छेलाल पटेल, अरूण गुप्ता, सनीदेवल, राजन चौबे, चंद्रभूषण, रामकरन, राधेश्याम, धीरेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, श्रवण, भाष्कर, विजय रंजन श्रीवास्तव, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, शशिकांत राय, फकरे इनाम आदि शामिल रहे।
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