जगह-जगह कूड़े का ढेर, दुर्गंध से जीना हुआ दुश्वार
नगरीय क्षेत्र में शामिल जसवल भरवलिया में समस्याएं बरकरार
शहर का दायरा बढ़ा, मगर नहीं बढ़ी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। करीब दो साल पहले बखिरा कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा मिला। इसमें 12 ग्राम पंचायतें शामिल हुई। ग्रामीण विकास की योजनाए तो बंद हो गईं, लेकिन शहरी विकास के कार्य नहीं कराए गए। नगरीय क्षेत्र में शामिल जसवल भरवलिया में समस्याएं बरकरार हैं। यहां के लोगों का शहरी विकास का सपना टूट रहा है।
नगर पंचायत बखिरा में शामिल जसवल भरवालिया में सड़क, शुद्ध पेयजल, नाली और सफाई आदि की समस्या बनी हुई है। यहां की करीब 1500 की आबादी बुनियादी सुविधाओं की कमी का दंश झेल रही है। सफाई न होने से जगह-जगह कूडे़ का ढेर लगा हुआ है। जिससे उठने वाले दुर्गंध से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहां के प्राथमिक विद्यालय व दुर्गा मंदिर समेत अन्य प्रमुख स्थलों के पास भी साफ-सफाई का अभाव है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहाल व मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। निर्मित नाली को अधूरा छोड़ने से गंदा पानी खेतों में जा रहा है। रामनिधि तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी यहां के लोगों को शहरी सुविधाओं का फायदा नहीं मिल सका है। जलनिकासी की समस्या विकट है। सड़कें भी बदहाल हैं।
परशुराम तिवारी ने बताया कि यहां साफ-सफाई तक ठीक से नही कराई जा रही है। सफाईकर्मी यहां आते हैं और कुछ स्थानों पर झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। कूड़ा नहीं उठाने से जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अभी तक लोगों को शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। नगरीय क्षेत्र में शामिल होने का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल सका है। पूर्व में बनी सड़क चलने लायक नहीं है। शुद्ध पेयजल तक लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ईओ प्रदीप कुमार ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जैसे ही बजट मिलेगा, प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराए जाएंगे। वहीं सफाई की भी व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।