कबीरचौरा में संत समागम में आ सकते हैं राष्ट्रपति
12 सितंबर को होने वाले संत समागम में शामिल होंगे विभिन्न पंथों के संत
कबीर चौरा के महंत ने निमंत्रण कार्ड छपवा कर बंटवाने की शुरू की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर स्थित कबीरचौरा के आह्वान पर 12 सितंबर को संत समागम का आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे। संत समागम में विभिन्न पंथों से जुड़े संत शामिल होंगे। यह जानकारी कबीरचौरा के महंत विचारदास ने बृहस्पतिवार को दी।
महंत विचारदास ने बताया कि राष्ट्रपति 12 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे कबीर स्थली पहुंचकर सबसे पहले समाधि व मजार के दर्शन कर पुष्पार्पण करेंगे। इसके बाद उनका विशिष्ट जनों के जरिए स्वागत किया जाएगा। उसके उपरांत महंत रामचंदर दास द्वारा निर्गुण भजन प्रस्तुत किया जाएगा। उसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति का उद्बोधन होगा। अपराह्न दो बजे से शाम बजे तक प्रवक्ताओं के द्वारा ‘वर्तमान में कबीर दर्शन की भूमिका’ विषय पर परिचर्चा होगी। सायं सात बजे से रात्रि नौ बजे तक भजन संध्या, संतों तथा सांस्कृतिक कलाकारों के द्वारा निर्गुण कबीर वाणी का गायन का कार्यक्रम होगा। महंत विचार दास ने बताया कि कबीर दर्शन का मुख्य बिंदु मनुष्यों के बीच मनुष्यकृत भेदों का नकार है। जबकि प्रत्येक मनुष्य एक ही परमतत्व का अंश है। इसको पहचान पाने में असमर्थ लोग जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर अलग-अलग पहचान बनाते हैं। सद्गुरु कबीर इस तरह के सारे भेदों को अस्वीकार करते हैं। आगे बताया कि इस संत समागम में सभी पंथ वैष्णव, शैव, सिद्ध नाथ, योगी, बौद्ध, निर्गुण, सगुण, द्वैत, अद्वैत, विशिष्टा द्वैत, सूफी कलंदर के संतों, महात्माओं, पीठाधिपतियों को एक मंच पर लाकर समसामयिक समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इससे उद्भूत विषयों को जनसामान्य तक जनचेतना और मन चेतना के द्वारा विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जबकि डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि राष्ट्रपति के मगहर कबीरचौरा आगमन की कोई अधिकृत सूचना अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही अधिकृत सूचना मिलती है, वैसे ही कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।