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बैंकों से मिले ऋण तो पटरी व्यवसायियों का फिर से शुरू हो रोजगार

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बैंकों से मिले ऋण तो पटरी व्यवसायियों का फिर से शुरू हो रोजगार
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पीएम स्वनिधि योजना के तहत 2631 ने किया आवेदन और ऋण पाए सिर्फ 1539
दस हजार तक ऋण लेने की है व्यवस्था, फिर 950 रुपये महीने करना होगा चुकता
पटरी व्यवसायियों के ऋण पर बैंकों को सात प्रतिशत तक ब्याज की रकम देगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर योजना का जिले में बुुरा हाल है। योजना के तहत बैंकों से ऋण के लिए 2631 पटरी व्यवसायियों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें 1770 पटरी व्यवसायियों का ऋण स्वीकृत हुआ। जबकि सिर्फ 1539 लोगों को ही ऋण मिल पाया है। इसमें बैंकों की सुस्ती की वजह से शेष लोगों को ऋण नहीं मिल पाया है। इसलिए वे अपनी आजीविका को चलाने के लिए दुबारा काम-धंधा शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
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मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई। उसके बाद लॉकडाउन लगा। इसमें सबसे अधिक पटरी व्यवसायियों की आर्थिक रीढ़ टूट गई। पटरी व्यवसायी कहीं साहूकारों के चंगुल में न फंसे और वे दुबारा अपना काम-धंधा शुरू कर सकें, इसके लिए शासन की ओर से पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर योजना संचालित की गई। इसमें पटरी व्यवसायी को बैंक से दस हजार रुपये तक ऋण लेने की सुविधा दी गई। बैंक के जरिए जो ब्याज निर्धारित होगा, उसमें सात प्रतिशत ब्याज की रकम सरकार चुकता करेगी। ऋण की अदायगी साल भर में किस्तों में करने की व्यवस्था दी गई है। करीब 950 रुपये महीने की किस्त भर कर पटरी व्यवसायी बैंक का कर्ज चुका सकेंगे। जिले में लक्षित वेंडरों की संख्या 2603 है। सर्वे में 2938 वेंडर पाए गए। पोर्टल पर यही डॉटा अपलोड भी है। बैंकों से ऋण लेने के लिए 2631 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें से 1770 लोगों का ऋण स्वीकृत हुआ। जबकि 1539 लोगों में ही ऋण का वितरण हो पाया। जटिल प्रक्रिया और बैंकों की सुस्ती की वजह से 146 लोगों ने ऋण लेने से की इन्कार कर दिया। पटरी व्यवसायी महाजन, चिथरू और कपिल बताते हैं कि बैंकों का बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। वैसे भी योजना में सिर्फ दस हजार रुपये तक ही ऋण लेने की व्यवस्था है, ऊपर से बैंकों की मनमानी भारी गुजर रही है। पीओ डूडा प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक वेंडर उठा सकें, इस ओर पूरी कोशिश है। जिन बैंकों की ओर से सुस्ती बरती जा रही है, उन्हें पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पटरी व्यवसायियों के लिए शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना है। लीड बैंक मैनेजर के माध्यम से बैंकों को अवगत कराया जाएगा कि जिन लोगों का ऋण स्वीकृत है, उहें जल्द ही ऋण उपलब्ध कराएं। ताकि पटरी व्यवसायी फिर से अपना रोजगार शुरू कर सकें। लीड बैंक मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि बैंकों की ओर से सुस्ती नहीं बरती जा रही है। कुछ आवेदनकर्ता पहले इस भ्रम में थे कि उन्हें ऋण की धनराशि बैंकों को नहीं लौटानी होगी, लेकिन जब ऋण की धनराशि लौटाने की जानकारी हुई तो बाद में ऋण लेने से ही कुछ लोग मना कर दिए। जबकि कुछ आवेदनकर्ताओं से बैंक का संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। जिन लोगों को बैंकों से ऋण नहीं मिल पा रहा है, वे लोग इसकी सूचना दें तो संबंधित बैंकों से ऋण दिलाया जाएगा। वैसे बैंक इंतजार कर रहा है कि आवेदनकर्ता ऋण लेने बैंक पर आएं।
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पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति
निकाय लक्ष्य वेंडर आवेदक स्वीकृत ऋण ऋण वितरण
खलीलाबाद 1435 1435 1472 908 851
मेंहदावल 558 558 487 348 318
मगहर 384 449 449 398 318
हरिहरपुर 226 396 147 77 73
बखिरा 0 100 76 39 27
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