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जन औषधि केंद्र पर दवा खत्म, लगा दिया ताला

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जिलाअस्पताल में स्थित प्राधानमंत्री जन औघधि केंद्र दवा न रहने के कारण बंद रहा।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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जन औषधि केंद्र पर दवा खत्म, लगा दिया ताला
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- मरीजों को सस्ते दर पर दवा मिलने की उम्मीद खत्म
- बाजार भाव से 80 प्रतिशत कम लागत पर मिलती थी दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। चार साल पहले बड़े जोर-शोर से जिस जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कराया गया था, वहां पर आज ताला लटक रहा है। केंद्र पर दवा न होने की नोटिस चस्पा कर दी गई है। मरीज पहुंच रहे है तो उन्हें केंद्र पर ताला लगा हुआ मिल रहा है।
सरकारी अस्पतालों से मिलने वाली जेनरिक दवाओं व प्राइवेट दुकानों पर मिलने वाली ब्रांडेड दवाओं की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में हर जिले में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। इस केंद्र पर निर्धारित दर पर जेनरिक दवाएं मिलनी थी। जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र को उद्घाटन जुलाई 2018 में तत्कालीन सांसद शरद त्रिपाठी ने किया था। लोगों को सस्ती दर पर दवाई मिलने की उम्मीद जगी थी, पर यह उम्मीद धरी की धरी रह गई। केंद्र पर एक साल तो दवा मरीजों को मिली, फिर धीरे-धीरे दवा की सप्लाई कम होने लगी और आज यह केंद्र बंद हो गया है। केंद्र पर तैनात कर्मियों के अनुसार दवा न होने की वजह से ताला लगा दिया गया है।
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दवा लेने आए बघौली के रामसुमेर ने बताया कि चिकित्सक ने तीन दवा केंद्र से लेने के लिए लिखा था, पर यहां ताला लगा हुआ है। इसी तरह से कुसमावती, रामजी चौधरी और गणेश ने बताया कि यहां पर पहुंचे तो केंद्र बंद मिला।
बाजार भाव से सस्ती है दवाएं
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर जो दवाएं मिलती है वह बाजार भाव से 80 प्रतिशत तक सस्ती है। दर्द निवारक दवा डाइक्लो जो बाजार में 80 रुपये पत्ता है उसकी कीमत केंद्र पर चार रुपये है। इसी तरह से सिफैक्जीम टैबलेट का एक पत्ता यहां पर 100 रुपये का है जबकि बाजार में इसकी कीमत 293 रुपये है। प्रॉजोल सोडियम की कीमत इस केंद्र पर 30 रुपये है। बाहर 150 रुपये में यह दवा मिलती है।
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जन औषधि केंद्र पर दवा खत्म होने की नोटिस की जानकारी नहीं है। इसके बारे में ड्रग इंस्पेक्टर से बात की जाएगी और केंद्र पर दवा मंगाकर फिर से उसका संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ
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