जल भरने के लिए देर शाम निकल रहे कांवड़िए
हरिहरपुर। सावन महीने के दूसरे सोमवार को शिवालयों पर शिवभक्तों की भीड़ रहेगी। रविवार की शाम से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पूजा सामग्री के इंतजाम में जुट गए हैं। ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ शिव मंदिर पर सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते व्यापक इंतजाम किए गए हैं। धाम में सरयू से जल लेकर कांवड़ियों का जत्था भी जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचेगा।
श्रावण मास शिव आराधना के लिए सबसे उत्तम मास है। विद्वानों का मत है कि इस पवित्र मास में शिव की आराधना से मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। पौराणिक तामेश्वरनाथ धाम में एक महीने तक चलने वाले सावन मेले में दूर-दराज से श्रद्धालु शिव को जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। तामेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सोमवार को बैरिकेडिंग कर परिसर में आने वाले चार पहिया वाहनों को रोक दिया जाएगा।
जलाभिषेक के लिए शिव मंदिर के सामने पोखरे तक बैरिकेडिंग लगाई गई है। महिला पुरुष अलग-अलग लाइनों में जलाभिषेक करेंगे। परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। चेन स्नेचिंग की घटना को रोकने के लिए महिला पुलिस की भी ड्यूटी लगाई गई है।
किसी प्रकार की घटना को रोकने के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है। परिसर की साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। किसी अनहोनी से निपटने के लिए फायर टेंडर और चिकित्सक की टीम भी मौजूद रहेगी। परिसर में स्थित पोखरे में सुरक्षा के लिए गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। सरयू से जल लेकर कांवड़ियों का जत्था भी रविवार की रात मंदिर परिसर में पहुंचेगा। कांवड़ियों के ठहरने का भी इंतजाम किया गया है। रविवार की रात बारह बजे से शिव का जलाभिषेक शुरू होगा जो सोमवार को करीब बारह बजे तक चलता रहेगा।
पूर्व प्रधान नरेंद्र नाथ भारती, पिंटू भारती, गंगेश भारती, शक्ति दत्त भारती, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ब्रह्म शंकर भारती ने बताया कि मंदिर परिसर में सावन के महीने भर शिवभक्तों की भीड़ रहेगी। प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। इस दौरान परिसर में आयोजित मेले का भी लोग लुत्फ उठाएंगे।