ऐसे तो युवकों को रोजगार मुहैया कराने के मंसूबे पर फिर जाएगा पानी
- 3834 युवकों को सितंबर माह से ही दिया जाना था प्रशिक्षण
- अभी तक सिर्फ 270 बेरोजगारों का शुरू हो पाया है प्रशिक्षण
- प्रशिक्षण शुरू नहीं करने वाले सात प्रशिक्षण दाताओं को एक सप्ताह की दी गई मोहलत
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। कौशल विकास मिशन के तहत बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षित कर रोजगार की ओर अग्रसर किए जाने की व्यवस्था जिले में फेल साबित हो रही है। सितंबर से अलग-अलग ट्रेडों में 11 प्रशिक्षण दाताओं के माध्यम से चयनित 3834 बेरोजगारों का प्रशिक्षण शुरू किया जाना था। आलम यह है सिर्फ चार प्रशिक्षण दाताओं के जरिए 270 बेरोजगारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन माह बीत गए और सात प्रशिक्षण दाताओं की ओर से अभी प्रशिक्षण शुरू हीं नहीं किया गया। ऐसे तो बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षण देकर रोजगार मुहैया कराने की ओर अग्रसर किए जाने की शासन की मंशा पर पानी फिर जाएगा। वैसे सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशिक्षण दाताओं को एक सप्ताह का समय दिया है। यदि तय समय सीमा में प्रशिक्षण शुरू नहीं हुआ तो संबंधित प्रशिक्षण दाताओं की सेवा जिले से समाप्त किए जाने के संबंध में शासन को पत्र भेजने की चेतावनी दी है।
कौशल विकास मिशन के तहत 14 से 35 वर्ष के बीच के बेरोजगार युवकों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में अल्पकालीन रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था शासन की ओर से की गई है। जिले में 11 निजी प्रशिक्षण एवं राजकीय प्रशिक्षण दाताओं की ओर से प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण दाताओं का चयन मिशन निदेशालय के स्तर से किया जाता है। 3834 बेरोजगार युवकों को नौ ट्रेडों में सितंबर से ही प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। आलम यह है कि सिर्फ चार प्रशिक्षण दाताओं की ओर से सिर्फ 270 बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रबंधक कौशल मिशन धीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आटोमोटिक, इलेक्ट्रानिक, कंस्ट्रक्शन, पावर, लॉजिस्टिक, गारमेंट मेकिंग, फैशन डिजाइनिंग कृषि में प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण पांच से छह महीने तक का है। इसमें कृषि में 54, लॉजिस्टक में 54, आटोमोटिक में 27, इलेक्ट्रानिक में 27 और फैशन डिजायनिंग में 106 युवाओं का प्रशिक्षण चल रहा है। सात समिति की ओर से अभी तक प्रशिक्षण शुरू नहीं किया गया है। इनमें जन साधारण उत्थान धर्मार्थ समिति, चैतन्य भारत सोशल प्रमोशनल सोसायटी, सरस्वती शिक्षण एवं प्रशिक्षण केेंद्र, सिगनेटिव स्किल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, स्मार्ट स्किल विट्स एंड वाइट प्राइवेट लिमिटेड और वीर सुभाष चंद्र बोष सेवा संस्थान आदि शामिल है। संबंधित प्रशिक्षण दाताओं को नोटिस जारी कर प्रशिक्षण नहीं शुरू किए जाने का कारण पूछा गया है। अविलंब प्रशिक्षण शुरू किए जाने का निर्देश दिया गया है। इस मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
कौशल विकास मिशन के तहत 11 प्रशिक्षण दाताओं के माध्यम से 3834 बेरोजगार युवकों को अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाना है। सितंबर में ही प्रशिक्षण शुरू होना था, लेकिन सात प्रशिक्षण दाताओं ने अभी तक प्रशिक्षण शुरू नहीं किया गया है। प्रशिक्षण दाताओं की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर प्रशिक्षण शुरू नहीं किए जाने पर संबंधित के खिलाफ मिशन निदेशक के साथ ही शासन को पत्र भेजा जाएगा। इसमें संस्तुति की जाएगी कि संबंधित प्रशिक्षण दाता की सेवा जिले से समाप्त कर दिया जाए।
सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, सीडीओ