हैंडपंप रिबोर में अनियमितता के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ओबैदुल्लाह ने कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां की ग्राम पंचायत उंचहराकला में हैंडपंप रिबोर में अनियमितता उजागर होने के एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नही हो सकी है। शिकायत कर्ता ने डीएम से अनियमितता की रकम की रिकवरी किए जाने की मांग की है।
उंचहराकला गांव के ओबैदुल्लाह ने ऑनलाइन शिकायत कर आरोप लगाया कि गांव के प्रधान व सचिव हैंडपंप रिबोर में अनियमितता बरत कर सरकारी धन हड़प लिए हैं। 13 सितंबर को शिकायत की जांच तत्कालीन एडीओ पंचायत शशि भूषण पांडेय ने की। एडीओ पंचायत ने 14 सितंबर को जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी। जांच में पाया गया कि गांव में रफीक के घर के दरवाजे पर हैंडपंप रिबोर व चबूतरा निर्माण कार्य हुआ है। रिबोर में दो अदद जीआई पाइप डाला गया है। इसी प्रकार बचनू, सबगतुल्लाह, माज अहमद के घर के दरवाजे पर भी एक-एक हैंडपंप रिबोर व चबूतरा निर्माण कार्य हुआ है। हैंडपंप रिबोर में दो अदद जीआई पाइप डाला गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम प्रधान व सचिव ने बताया कि 1,82,021 रुपये निकाले गए हैं। कुल छह हैंडपंप रिबोर होना था, जलभराव के कारण शेष हैंडपंप का रिबोर नहीं कराया जा सका है। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन एडीओ पंचायत शशि भूषण पांडेय ने कहा कि जो हैंडपंप रिबोर हुए हैं, वह मानक के अनुरूप नहीं है। जीआई पाइप पूरा नहीं बदला गया है। 16 सितंबर को डीपीआरओ ने डीएम को जांच आख्या प्रस्तुत की। डीपीआरओ ने तत्कालीन ग्राम सचिव आनंद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अवकाश के चलते कार्यालय बंद है। शनिवार को कार्यालय खुलने पर ही कुछ आगे की कार्रवाई बता पाएंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले में लीपापोती कर रहे हैं। जांच में अनियमितता उजागर हुए एक माह हो गया, लेकिन अधिकारी कार्रवाई नही कर रहे हैं। यही नहीं इसके पहले गांव में खड़ंजा निर्माण के ईंट गुणवत्ता में कमी पाई गई। खराब गुणवत्ता की ईंट का मूल्यांकन कर रिकवरी की बात कही गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर से ऑनलाइन शिकायत की जाएगी। ताकि दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो सके।