सुस्त गति से हो रहा एमबीडी बांध का मरम्मत कार्य
- 31 मई तक कार्य पूरा करने का विभाग का था दावा
- वर्ष 2013 की तबाही याद कर आशंकित हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कच्छप गति से घाघरा नदी के एमबीडी बांध का मरम्मत कार्य हो रहा है। अभी तक नदी की धारा भी नहीं मोड़ी जा सकी है। जबकि मानसून आने में कम वक्त बचा है। वर्ष 2013 की तबाही याद कर क्षेत्रीय लोग आशंकित हैं। यदि समय रहते कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो कटान रोकना संशय है।
वर्ष 2013 में तुरकौलिया नायक गांव के पास घाघरा नदी ने एमबीडी बांध को काट दिया था। जिससे क्षेत्र के 150 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बांध कटने से आक्रोशित गांव के लोग प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करने के साथ उनकों मारने-पीटने का प्रयास किए थे। जिसमें 14 नामजद समेत 200 से अधिक अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जबकि वर्ष 2021 में नदी कटान करते हुए एक बार फिर तुरकौलिया नायक के पास ही एमबीडी बांध पर खतरा उत्पन्न कर दी थी। बांध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग के अफसर अथक परिश्रम किए, तब जाकर बांध बच सका। जिस जगह पर बांध कमजोर हुआ था,उसमें 350 मीटर की लंबाई में बांध का बोल्डर पीचिंग करने और नदी की धारा मोड़ने के लिए परको पाइन लगाए जाने का प्रस्ताव बनाकर सिंचाई विभाग ने शासन को भेजा था। जिसकी मंजूरी शासन से अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही मिल गई थी। बांध को बोल्डर पिचिंग करने, बिड़हर घाट के पास पारको पाइन लगाए जाने का कार्य भी विभाग ने शुरू कर दिया। यह कार्य 31 मई तक पूर्ण किए जाने का दावा सिंचाई विभाग ने किया था, लेकिन कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ। तुरकौलिया नायक के प्रधान वीरेंद्र कुमार, चपरा पूर्वी के प्रधान हरिराम यादव, अशरफपुर के प्रधान अजय कुमार उर्फ सोनू, उमरिया बाजार के प्रधान पति अशोक कुमार का कहना है कि जिस गति से बाढ़ से बचाव के लिए बांध का मरम्मत कार्य किया जा रहा है, उससे यही प्रतीत होता है कि इस वर्ष कार्य पूर्ण नहीं हो पाएगा। जबकि मानसूनी बरसात दस्तक देने लगा है। तेज बारिश हुई तो कार्य पूर्ण नहीं होगा और नदी ने कटान किया तो बांध का बचना नामुमकिन होगा। इस संबंध में पूछे जाने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि नदी की धारा मोड़ने के लिए पारको पाइन लगाने के लिए ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है। कुल आठ पारको पाइन लगाया जाना है। बांध का पिचिंग कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। 30 जून तक सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे। बांध पूरी तरह सुरक्षित है और सुरक्षित रहेगा।