हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
- 24- 24 हजार रुपये अर्थदंड से किया दंडित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख ने हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 24-24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि धनघटा क्षेत्र के मुहम्मदपुर गांव निवासी चंद्रप्रकाश तिवारी ने धनघटा पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया कि दो अक्तूबर 2009 की रात में उनके पिता राम नरायन खाना खाकर अपने दरवाजे के सामने चारपाई पर लेटे थे। उनके बगल में चाचा अलगू तिवारी, भाई राम प्रकाश उर्फ चुलबुल व सफाई कर्मी चंद्रभान लेटे थे। वह अपने मकान की छत पर लेटे थे। रात करीब 11:30 बजे फायर की आवाज सुनकर नीचे देखें तो उनके गांव के कलीम उर्फ भुवर, हलीम उर्फ गुड्डू, हरीश चंद्र नायक तथा भेड़ा पाकड़ के अरविंद पांडेय कट्टे से उनके पिताजी के ऊपर फायर कर रहे थे। वह चिल्लाते व शोर करते हुए छत से नीचे उतर कर आए। गांव वाले भी फायर की आवाज सुनकर आ गए और पीछा किए तो चारों आरोपी पीछा करने वालों को धमकी, अपशब्द देते हुए भाग गए। आरोपी के कोटेदारी, मछली के तालाब के पट्टे तथा मूर्ति चोरी के मुकदमे में उनके पिता द्वारा गवाही देने के कारण रंजिश चल रही थी। खलीलाबाद अस्पताल में डॉक्टरों ने पिता को मृत घोषित कर दिया।
अभियोजन की तरफ से 11 गवाहों की गवाही कराई गई तथा कार्यवाही के दौरान अरविंद पांडेय की मृत्यु हो गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने कलीम उर्फ भुवर, हलीम उर्फ गुड्डू और हरीश चंद्र नायक को आजीवन कारावास और 24- 24 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।