संतकबीरनगर। करीब पांच सौ बरस पहले कबीर ने ऐसा समाज रचने का प्रयास किया जिसकी जरूरत आज भी है। प्रगतिशील समाज की कल्पना करने वाले संत कबीर को जानने-समझने में शोधार्थियों को अब आसानी होगी। मगहर स्थित कबीर की निर्वाण स्थली पर 20 करोड़ की लागत से कबीर शोध संस्थान बनाया जाएगा। यहां कबीर की रचनाओं समेत उनके जीवन दर्शन से जुड़ा साहित्य जिज्ञासुओं को सुलभ होगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मगहर के कबीरचौरा परिसर में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान कहीं। वे एक घंटा 10 मिनट तक कबीरचौरा में रहे और विकास कार्यों की प्रगति देखी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने यहां एक ही परिसर में स्थित कबीर की समाधि और मजार पर मत्था टेका। फिर उस गुफा में गए जहां बैठकर कबीर साधना किया करते थे। इसके बाद सीएम ने पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। अफसरों को बेहतर ढंग से काम कराने और तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 जून को प्रस्तावित आगमन के मद्देनजर तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को पीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर जल्द से जल्द व्यवस्था मुकम्मल करने तीन हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री यहां कबीर के 620वें प्राकट्य महोत्सव में 28 जून को शामिल होंगे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आमी नदी के घाट पर बनाई गई सीढ़ियों पर पत्थर लगाने को कहा। आमी नदी का दूषित पानी देख उन्होंने नाराजगी जताई और नदी की सफाई कराने के निर्देश दिए। यहां आवास विकास परिषद द्वारा कराए जा रहे ‘यात्री निवास’ का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीर की निर्वाण स्थली पर पूर्व में स्वीकृत 24 करोड़ की लागत से जिन 20 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, उसमें तेजी लाई जाए। यह भी कहा कि गोरखपुर जिले की सीमा में कसरवल में कबीर की धूनी और गोरख तलैया का भी विकास होगा। इसके लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। उन्होंने मगहर पुलिस चौकी के पास हाईवे के किनारे स्थित पर्यटन विभाग की सात एकड़ जमीन को कबीर स्थली से जोड़ने के निर्देश दिए। इस स्थान पर कबीरपंथियों के ठहराव के लिए विश्रामालय और कबीर स्तंभ बनाया जाएगा। यहां कैंटीन, बुक स्टॉल आदि की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कबीर धूनी, गोरख तलैया और कबीर के समाधि स्थल को जोड़ने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि कबीर के 620 वें प्राकट्य दिवस पर प्रधानमंत्री यहां आ रहे है। देश भर के कबीर पंथियों में इससे ऊर्जा का संचार होगा। कबीर स्थली के विकास के साथ ही राष्ट्र के निर्माण में कबीर के चिंतन का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होना चाहिए।