संतकबीरनगर। अवैध अस्पतालों पर नकेल कसने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन और पुलिस विभाग भी जुटा है। जिले के पंजीकृत 94 अस्पतालों की सूची सीएमओ ने प्रशासन के माध्यम से एलआईयू को सौंपी है। सूची से हटकर जो अस्पताल संचालित होते पाए जाएंगे उन अस्पतालों पर केस दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
जिले में गैर पंजीकृत अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का सिलसिला लगातार जारी है। सबसे ज्यादा शिकायतें धनघटा और मेंहदावल तहसील क्षेत्र से आ रही है। अभी धनघटा के हैंसर में दो अस्पताल बिना चिकित्सक के संचालित होते पाए गए थे। जिन्हें सील कर दिया गया था। ज्यादातर अस्पताल एक या दो कमरे में संचालित हो रहे हैं। जब स्वास्थ्य टीम छापा मारती है तो यह अस्पताल संचालक बंद कर फरार हो जाते हैं। इन अस्पतालों के संचालन में कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मी भी शामिल बताए जाते हैं।
20 दिन पूर्व हैंसर में एक अस्पताल में आशा कार्यकर्ता प्रसूता को भर्ती कराई थी और पकड़ी गई थी। हालांकि उस अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले थे। जिसके बाद अस्पताल सील कर दिया गया था।
खलीलाबाद के चुरेब में भी आशा के जरिए मरीज को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने का मामला आया था। अब बिना पंजीकरण के चल रहे निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही एलआईयू की नजर है।
सीएमओ ने पंजीकृत 94 अस्पतालों की सूची एलआईयू को दी है। इसमें सबसे ज्यादा अस्पताल खलीलाबाद ब्लॉक में पंजीकृत हैं, जबकि बेलहर कला में मात्र दो अस्पताल संचालित हैं। हैंसर ब्लाॅक में चार अस्पताल संचालित है जबकि इस क्षेत्र में लगातार फर्जी अस्पताल पकड़े जा रहे हैं।