संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट भूपेंद्र राय की कोर्ट ने घर में घुसकर कट्टे के बल पर डकैती व एससी/एसटी एक्ट के चार आरोपियों राम सेवक, राम सरन, लालचंद, छोटू बेलदार को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
वादी मुकदमा ने न्यायालय में आकर बयान किया कि घटना हुए कई साल हो गया है। उसने घटना के समय आरोपियों को पहचाना नहीं था। धनघटा थाना अंतर्गत ग्राम मुंडेरा शुक्ल निवासी तिलक राम ने वर्ष 1994 में थाने पर प्रार्थना पत्र दिया कि रात में परिवार के साथ खाना पीना खाकर अपने दरवाजे के सामने मड़ई में सोए थे।
रात में आठ-नौ बदमाश घर के पूरब से आए और बरामदे में सोई हुई औरतों के नाक से कील आदि छीन ने लगे। विरोध करने पर औरतों को कट्टे से फायर कर चोट पहुंचाई। घर का दरवाजा तोड़कर बदमाश घर में घुसकर घर से जेवरात तथा नगद छह हजार रुपये लूट ले गए। टाॅर्च की रोशनी में बदमाशों को देखा था। सामने आने पर पहचान सकते हैं।
तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में नौ बदमाशों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत रामधनी, रामशरण, रामसेवक, लालचंद, छोटू बेलदार, राम शब्द, कतवीरु के विरुद्ध डकैती लूटपाट व एससीएसटी में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस दौरान रामधनी, राम शब्द, कतवारू की मृत्यु हो गई।
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट भूपेंद्र राय की कोर्ट में गवाहों की गवाही तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं पक्षों की बहस सुनने के उपरांत रामसेवक निवासी मुंडेरा शुक्ल थाना धनघटा, राम सरन, लालचंद, निवासी गण सीकरी डीह बुजुर्ग, थाना सिकरीगंज गोरखपुर, छोटू बेलदार निवासी शायरो थाना बांसगांव जिला गोरखपुर को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।