सेंटरों पर संचालित होगी ओपीडी, शुगर, उच्च रक्त चाप, मुख, गर्भाशय व स्तन कैंसर की होगी जांच
वीरेंद्र यादव/संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से 49 हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द स्थान चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। जिससे सेंटरों का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो सके। इन सेंटरों के बनने के बाद सेंटरों पर ओपीडी के साथ शुगर, उच्च रक्तचाप सहित कई बीमारियों की जांच संभव हो सकेगी।
जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ कम करने के लिए सरकार हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का निर्माण करा रही है। इसी के तहत जिले में 49 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मंजूरी मिली है।
पिछले वित्तीय वर्ष में 22 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मंजूरी मिली थी, इसमें हैंसर ब्लॉक में मुख्य केंद्र व धनघटा, पौली में मडपौना, रामपुर, किशुनपुर, नाथनगर ब्लॉक में हरदी, मोलनापुर, कोदवट व मझौवा, सेमरियावां में टेमारहमत, महुआरी, रजापुर सरैया, मेंहदावल में नंदौर, घूरापाली, बघौली ब्लॉक में भगवानपुर, ढोढया, उतरावल व जूरी, सांथा ब्लॉक में मुख्य केंद्र, फुलवरिया, सेवाइचपार तथा बेलहरकला में मठियापार शामिल हैैं।
शासन के अनुसार प्रत्येक सेंटर के निर्माण पर साढ़े सात लाख रुपये खर्च होंगे। सेंटर बनाने के पीछे सरकार की मंशा यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने क्षेत्र में ही ओपीडी की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही इन केंद्रों पर शुगर, उच्च रक्त चाप, मुख, गर्भाशय एवं स्तन कैंसर की जांच के साथ ही सामान्य बीमारियों की जांच और दवा उपलब्ध होगी। सुरक्षित प्रसव, किशोर स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन, टीकाकरण आदि की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन केंद्रों पर योग से लोगों को निरोगी बनाने के लिए गतिविधियां संचालित होगी। इस संबंध में जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर संजीव कुमार सिंह ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए 49 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की मंजूरी मिली है, जल्द ही स्थान चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी, ताकि इनका निर्माण शुरू कराया जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेगी।