ऑडिट में पकड़ी गई 96.75 लाख की वित्तीय अनियमिता
- 291 ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों में मिली गड़बड़ी
- संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से वसूली जाएगी रकम
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले के आठ ब्लॉकों में हुए सोशल ऑडिट में दो वित्तीय वर्षो में 96. 75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। शासन ने इसका संज्ञान लेकर सीडीओ से रिकवरी कराए जाने का निर्देश दिया है। सीडीओ ने संबंधितों की सूची तैयार कर रिकवरी कराए जाने के लिए बीडीओ को निर्देश दिया है।
वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कराए गए सोशल ऑडिट में मनरेगा के कार्यों में 291 ग्राम पंचायतों में 96. 75 लाख की वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। सोशल ऑडिट की वेबसाइट पर इसे अपलोड कराया गया था। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए अनियमितता की रकम की रिकवरी कराए जाने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि कम काम कराकर अधिक भुगतान लिया गया है। वहीं, कई जगह बिना कार्य कराए ही भुगतान लिए जाने की भी बात सामने आई है।
डीडीओ / डीसी मनरेगा सुदामा प्रसाद ने बताया कि सांथा ब्लॉक को छोड़कर शेष अन्य आठ ब्लॉकों में दो वित्तीय वर्षो में कुल 291 कार्यों में 96.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सोशल ऑडिट टीम ने पकड़ी थी। इसमें प्रधान, सचिव और टीए दोषी पाए गए हैं। संबंधित दोषियों की सूची तैयार कराई जा रही है। जिससे तेजी के साथ संबंधितों से वसूली कराई जा सके।
प्रधानमंत्री और मनरेगा के कार्यों की सोशल ऑडिट कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में आठ ब्लॉकों में हुई सोशल ऑडिट में अनियमितता पाई गई है। अनियमिता की रकम को संबंधित प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से वसूल कराई जाएगी। - सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, सीडीओ