बरदहिया बाजार में लगी आग, लाखों की क्षति
रॉकेट छोड़ने से छप्पर के गोदाम में आग लगने की जताई जा रही आशंका
पांच घंटे बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने मिलकर बुझाई आग
बंगाल, कौशांबी समेत अन्य जगहों के रहने वाले 11 से अधिक व्यापारी हुए प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बरदहिया बाजार में शुक्रवार की देर शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने विकराल रूप धारण करते हुए दुकानदारों के गोदाम में रखे कपड़ों के गट्ठर को अपनी आगोश में ले लिया। सूचना फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंच गईं और पांच घंटे तक अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया। इस दौरान अफरातफरी मची रही। रात में एसपी और सीओ मौके पर पहुंचे। जबकि शनिवार को तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। पीड़ित व्यापारियों ने करीब एक करोड़ की क्षति होने का अनुमान लगाया।
बरदहिया बाजार में स्थित कबीर आश्रम के मठ की बनीं दुकानों को व्यापारी किराए पर लिए हैं। उसी में छप्पर में व्यापारियों ने गोदाम बना कर गरम कपड़ों का गट्ठर रखा था। शुक्रवार की देर शाम अचानक छप्पर रखे कपड़े के गोदाम में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग फैल कर विकराल हो गई और करीब एक दर्जन दुकानदारों के गर्म कपड़ों के गट्ठर में आग तक पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां और नगर पालिका का टैंकर लगाया गया। रात डेढ़ बजे फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। कपड़े के गट्ठर में सुलग रही आग शनिवार की भोर चार बजे फिर धधक गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी फिर सूचना पर पहुंची और आग बुझाई। घटना में कौशांबी के व्यापारी अर्जुन सिंह, फूल सिंह, सुनील कुमार, संतकबीरनगर के नेहिया खुर्द वीरेंद्र कुमार, कमलेश कुमार, मुकेश कुमार, विशाल चौरसिया, महुली क्षेत्र के कलेन हरदों निवासी दयानंद यादव, परमानंद यादव, धनघटा क्षेत्र के सकूरचक निवासी लालजी यादव, मुखलिसपुर निवासी विपिन और बंगाल के व्यापारी प्रदीप शाह का कपड़ा जल गया। पीड़ित व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ होगा। व्यापारियों ने कहा कि उनकी जमा पूंजी खत्म हो गई। इधर, सूचना पर एसपी डॉक्टर कौस्तुभ, सीओ अंशुमान मिश्र, कोतवाल अनिल कुमार और चौकी इंचार्ज वीरेंद्र मिश्र मौके पर पहुंच गए और घटना की बाबत जानकारी हासिल की। व्यापारियों ने आशंका जताई कि किसी ने रॉकेट छोड़ा होगा और उसी के छप्पर पर गिरने से आग लग गई होगी। घटना की सूचना पर व्यापारी नेता बनार्जी लाल अग्रहरि, पुष्कर चौधरी, कपीस अग्रहरि, श्रीधर अग्रहरि आदि पहुंच गए और व्यापारियों से घटना की जानकारी जुटाई। व्यापारी नेताओं ने शासन-प्रशासन से पीड़ित व्यापारियों की मदद कराए जाने की मांग की।