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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती से जूझ रहे उपभोक्ता

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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती से जूझ रहे उपभोक्ता
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दो दिनों से रात में गुल हो जा रही बिजली
उमस भरी गर्मी से उपभोक्ता परेशान, पूरी नहीं हो पा रही नींद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती बढ़ गई है। इससे उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि दो दिनों से रात्रि में बिजली की कटौती होने से लोग भरपूर नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ रहा है।
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शासन को निर्देश है कि ग्रामीण क्षेत्रों को 18 से 20 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाए, लेकिन पिछले कुछ दिनों से 12 से 15 घंटे भी बिजली ठीक से नहीं मिल पा रही है। दिन में तो उपभोक्ता किसी तरह से समय गुजार दे रहे हैं, लेकिन रात्रि में बिजली की कटौती और उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मगहर व खलीलाबाद दक्षिणी फीडर से जुड़े गड़सरपार, फेरूसा, सेमरी, निचौरा, बरईपार पैठान, महास्थान, सहसरावमाफी, नहसापार, केरमुआ, चकदही, धरैची, दुबौली आदि गांवों में रात के करीब आठ बजे बिजली गुल हो जा रही है। दो दिनों से तो पूरी रात बिजली की कटौती बनी रही, जिससे इन गांवों के रहने वाले उपभोक्ता काफी परेशान हैं। उपभोक्ताओं की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के निवासी मनोज कुमार, दिनेश यादव, रामचेत आदि ने कहा कि नवरात्रि शुरू हो गई है। सुबह जल्दी जगना रहता है, लेकिन दो दिनों से पूरी रात बिजली कट जा रही है, जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पंखा-कूलर सब बेकार साबित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने कहा कि रात्रिकालीन बिजली कटौती तत्काल बंद होनी चाहिए। ऐसा न होने पर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होना पड़ेगा। अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर से बिजली की कटौती नहीं की जा रही है। ऊपर से जो निर्देश आ रहे हैं, उनके तहत कटौती होती है। फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति की जाए।
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