फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो साल लंबित रही 15.88 लाख की रिकवरी, अब दोबारा होगी कार्यों की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
दो साल लंबित रही 15.88 लाख की रिकवरी, अब दोबारा होगी कार्यों की जांच
विज्ञापन

सोशल ऑडिट टीम ने ग्राम पंचायत दुधारा में ऑडिट में पाई थी 15,88,825 रुपये की अनियमितता
सोशल ऑडिट टीम ने अनियमितता की वसूली प्रस्तावित करते हुए सौंपी थी रिपोर्ट
पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक ने सोशल ऑडिट पर उठाया सवाल
बीडीओ बेलहर करेंगे मामले की जांच और डीडीओ को सौंपेंगे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कला की ग्राम पंचायत दुधारा में दो साल पूर्व सोशल ऑडिट में 15,88,825 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई थी। सोशल ऑडिट टीम ने अनियमितता की रकम की वसूली प्रस्तावित करते हुए रिपोर्ट सौंपी थी। अभी तक अनियमितता की रकम की वसूली नहीं हो पाई। इधर, पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक ने सोशल ऑडिट पर ही सवाल खड़ा करते हुए डीडीओ और डीसी मनरेगा को प्रार्थनापत्र देकर मामले की दोबारा जांच कराए जाने की मांग की। प्रभारी डीडीओ ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ को जांच सौंपी है।
विकास खंड बेलहर कला की ग्राम पंचायत दुधारा में वित्तीय वर्ष 2018-19 में कराए गए विकास कार्यों की सोशल ऑडिट वित्तीय वर्ष 2019-20 में की गई थी। ऑडिट टीम ने 15,88,625 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई थी। ऑडिट टीम ने अनियमितता की रकम की वसूली कराए जाने के संबंध में संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट डीडीओ को सौंपी थी। करीब दो साल का समय गुजर गया पर जिम्मेदार वसूली नहीं करा पाए। इधर, दुधारा ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी सौरभ चौधरी और तकनीकी सहायक हेमवंत कुमार ने सोशल ऑडिट टीम की जांच पर ही सवाल खड़ा कर दिया। इन लोगों के जरिए छह अक्तूबर 2021 को अलग-अलग प्रार्थनापत्र डीडीओ और डीसी मनरेगा को दिया गया। पूर्व प्रधान धर्मेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि वह वर्ष 2015 से 2020 तक ग्राम पंचायत दुधारा के प्रधान थे। उनकी ग्राम पंचायत में वर्ष 2018-19 में कराए गए कार्यों का सोशल ऑडिट 2019-20 में हुआ था। बीआरपी संतलाल एवं टीम के अन्य सदस्यों के जरिए बिना कार्य की जांच किए हुए ग्राम सभा के कूटरचित फर्जी कार्रवाई/प्रस्ताव तैयार कर ग्राम पंचायत में हुए समस्त कार्यों पर 15,88,825 रुपये की वसूली प्रस्तावित कर दी गई। जबकि ग्राम पंचायत में वर्ष 2018-19 में समस्त कार्य ग्राम पंचायत के मनरेगा जॉबकार्ड धारक मजदूूूरों से कराया गया है। इसमें मजदूरों का मस्टर रोल, एमबी, फोटो, आगणन एवं समस्त अभिलेख पूर्ण एवं उपलब्ध हैं। ऐसे में उक्त कार्यों की जांच पुन: बीडीओ से कराई जानी चाहिए। ताकि बीआरपी संतलाल एवं सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों द्वारा जो ग्राम सभा की फर्जी कार्रवाई/प्रस्ताव कूटरचित तरीके से तैयार कर वसूली का प्रस्ताव पारित किया गया है, इसकी पोल खुल सके और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वसूली प्रक्रिया को बंद किया जा सके। इसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी सौरभ चौधरी और तकनीकी सहायक हेमवंत कुमार ने सोशल ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए दोबारा जांच कराए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में पीडी/प्रभारी डीडीओ दुर्गा दत्त शुक्ल ने बताया कि ग्राम पंचायत दुधारा के पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक ने प्रार्थनापत्र देकर सोशल ऑडिट टीम के जरिए किए गए ऑडिट पर सवाल उठाया है। इन लोगों के जरिए समस्त कार्य कराए जाने का दावा पेश करते हुए दोबारा जांच कराए जाने की मांग की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ बेलहर को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में जैसी स्थिति सामने आएगी, वैसी कार्रवाई आगे की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें