डायरिया का प्रकोप बढ़ा, मरीजों से भरा अस्पताल
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आ रहे 1500 से 1600 मरीज
जनरल वार्ड, आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड में भरे पड़े हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गर्मी व बारिश के चलते डायरिया का प्रकोप तेज हो गया है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में उल्टी दस्त (डायरिया), बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल के सभी वार्डों में मरीज भरे पड़े हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज इलाज के लिए आ रहे है। इनमें करीब 500 से 600 बच्चे शामिल हैं, जो डायरिया जैैसी बीमारी से पीड़ित है।
संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में 1200 से 1300 मरीज आते हैं, लेकिन इधर बारिश और तेज धूप के चलते मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां वर्तमान में सोमवार को 1500 के करीब मरीज इलाज के लिए आएं। इनमें सबसे ज्यादा 500 के करीब बच्चे शामिल हैं, जो उल्टी दस्त व बुुखार से पीड़ित हैं। इन मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सक दवा लिखते है ंऔर फिर पांच दिन बाद जांच के लिए बुुलाते हैं। इसके साथ ही जो मरीज गंभीर होता है, उसे भर्ती कर इलाज करते हैं। अस्पताल के जनरल वार्ड के सभी बेड पूरी तरह फुल हो गए हैं। इसके साथ ही बच्चों के 20 बेड के आईसीयू वार्ड में 18 बच्चे भर्ती हैं। मरीज के साथ आने वाले तीमारदार बरामदे में आराम करते हैं। जिसकी वजह से अस्पताल के बरामदे में भी भीड़ लगी हुई है। ओपीडी का हाल यह है कि मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। ओपीडी में परामर्श के लिए आए बघौली निवासी सुनील कुमार, संजय, जयकरन, ज्ञानचंद, मंजूषा ने बताया कि बच्चे को दिखाने आए थे। तीन दिन से बुखार नहीं छोड़ रहा है, इसके साथ ही उल्टी भी हो रही है। चिकित्सक ने दवा लिखी है और पांच दिन बाद फिर बुलाया है। इसी तरह से अन्य कई तीमारदार भी अपने-अपने मरीजों को दिखाने आए थे। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में तेज धूप और बारिश भी हो रही है। ऐसे में मौसम लगातार बदल रहा है। हमेशा ताजा खाना ही खाएं। अधिक से अधिक पानी का सेवन करें और धूप से बचें।
वर्तमान में मौसम में बदलाव के कारण डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 1500 के करीब मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। लोग धूप से बचें और दिक्कत होने पर चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था है।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस