रैना पेपर मिल को सील करने पहुंचे अधिकारी।
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आमी नदी के पानी को प्रदूषित करने के मामले में मंगलवार की शाम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने रैना पेपर मिल की प्रथम इकाई को सील कर दिया। मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे के करीब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बस्ती कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर अरविंद सिंह के नेतृत्व मेें टीम रैना पेपर मिल पर पहुंची। एसडीएम सदर उमेश चंद निगम और तहसीलदार अरविंद सिंह की उपस्थिति में टीम ने अगले आदेश तक रैना पेपर मिल की प्रथम इकाई को सील कर दिया।
डा. सिंह ने बताया कि रैना पेपर मिल से आमी नदी के जल को प्रदूषित होने के शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शासन के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम बस्ती के रुधौली चीनी मिल और संतकबीरनगर के रैना पेपर मिल का सर्वे करके पानी का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट में आमी के पानी को प्रदूषित किए जाने की बात सामने आई। शासन के निर्देश के क्रम में ही प्रशासन के सहयोग से रैना पेपर मिल की प्रथम इकाई को मानक के विपरीत होने की वजह से सील कर दिया गया है।
हालांकि रैना पेपर मिल की द्वितीय इकाई को मानक अनुरूप पाए जाने पर मुक्त रखा गया है। इस कार्रवाई से आमी नदी पूर्ण रूप से प्रदूषण मुक्त होगी। इस दौरान अरुण कुमार श्रीवास्तव वैज्ञानिक, परासर पांडेय प्रयोगशाला सहायक, रैना पेपर मिल के अफसर जी पी पांडेय, डीके शर्मा आदि मौजूद रहे।