दो हफ्ते पहले आई आंधी में गिरे खंभे के तार को छूने से पिपरा काजी गांव के चार बच्चे झुलस गए। बच्चों की चीख पर लोग मौके पर पहुंचे। चारों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यहां के लोगों में आंधी में टूटे खंभे के तारों में करंट प्रवाहित होने और उसकी चपेट में चार बच्चों के आ जाने से गुस्सा है। लोगों का कहना है कि गनीमत रही कि चारो बच्चे करंट की चपेट में आने से झुलसने के बाद भी सुरक्षित हैं।
गांव वालों का कहना है कि घिर्राऊ के खेत में बिजली का पोल लगा है। मंगलवार को ठीक किए जाने की सूचना पर कुछ बच्चे मौके पर पहुंचे थे। जबसे पोल टूटा है तब से आपूर्ति बाधित है लेकिन करंट से अनजान घिर्राऊ का बेटा कृष्ण कुमार गिरे तार को जैसे ही छूआ करंट के चलते चिपक गया। उसकी चीख पर आसपास रहे जियाराम, सुनील कुमार और अजय यादव, कृष्ण कुमार को तार से अलग तो कर लिया लेकिन बचाने के प्रयास में तीनों झुलस गए। तभी चीख पुकार मच गई। दौड़े परिवार वालों ने सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया ले गए। जहां सभी का इलाज चल रहा है।