हैंसर। चार दिन पूर्व दौलतपुर गांव के पास से कब्र से खोद कर निकाली गई महिला की लाश को अपनी बेटी का होना बताकर छपरामगर्बी गांव के काशीनाथ ने सोमवार को गांव के लोगों के साथ धनघटा थाने पर पहुंच कर जमकर हंगामा किया।
गांव वाले इस मामले में मृतका के ससुराल वालों को गिरफ्तार किए जाने की मांग कर रहे थे। करीब डेढ़ घंटे तक गांव के लोग थाने के पास धनघटा-उमरिया मार्ग पर पुलिस के विरुद्ध नारे बाजी करने लगे। जिससे मार्ग पर जाम लग गया। एसओ महुली ने मौके पर पहुंचकर तीन दिन के अंदर आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया, तब जाकर गांव वाले माने।
छपरामगर्बी निवासी काशीनाथ ने अपनी बेटी शोभा की शादी क्षेत्र के जिगीना गांव के बैरहां टोला निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। काशीनाथ का आरोप है कि उनकी बेटी को उसके ससुराल के लोग मार डाले। इस संबंध में 15 अप्रैल को पुलिस ने शोभा के पति समेत चार लोगों के विरुद्ध दहेज हत्या का केस भी दर्ज किया है।
तभी से काशीनाथ बेटी की तलाश में लगे हुए थे। 28 अप्रैल को दौलतपुर गांव के पास घाघरा नदी के किनारे एक लाश मिली। जिसे तहसीलदार की मौजूदगी में खोद कर निकाला गया। काशीनाथ ने लाश को अपनी बेटी शोभा बताकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
काशीनाथ का आरोप है कि पुलिस इस मामले में लीपा-पोती कर रही है और राजनीतिक दबाव के कारण शोभा के हत्यारों को पकड़ने से कतरा रही है। शोभा के हत्यारोपियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग करते हुए छपरामगर्बी के सैकड़ों महिला पुरुष हाथ में लाठी डंडा लेकर थाने पर पहुंच गए।
गांव की महिलाओं ने पुलिस वालों को जमकर खरी खोटी सुनाई। सूचना पर थाने पर वज्र वाहन भी बुला लिया गया। इसके साथ ही एसओ महुली संतोष तिवारी भी पहुंच गए।
उन्होंने गांव वालों को बड़ी मशक्कत के बाद यह कहते हुए शांत कराया कि तीन दिन के अंदर शोभा की हत्या करने के आरोप में नामजद किए गए उसके ससुराल वालों को पकड़ लिया जाएगा। वहीं धनघटा एसओ आर डी मौर्य का कहना है कि जल्द ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।