कठीनईया नदी में कूदी युवती को बचाने वाले चौकी प्रभारी बीरेंद्र सिंह यादव और युवती जो नदी में कूद?
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चौकी इंचार्ज की दिलेरी से बची किशोरी की जान
आत्महत्या की नीयत से राजघाट पुल से कठिनइया नदी में कूदी थी
मार्निंग वाक के दौरान सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर/संतकबीरनगर। पारिवारिक कलह की वजह से आत्महत्या करने के लिए एक किशोरी सोमवार की सुबह राजघाट पुल से कठिनइया नदी में कूद गई। मॉर्निंग वाक पर निकले चौकी इंचार्ज हरिहरपुर मौके पर पहुंच गए और किशोरी की जान बचाने के लिए नदी में कूद गए। चौकी इंचार्ज ने दिलेरी दिखाते हुए किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला।
नगर पंचायत हरिहरपुर की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी तीन बहनें हैं। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुुुकी है। रविवार की शाम को परिवार के लोग कढ़ाही चढ़ाने के लिए सोमवार को खलीलाबाद समय माता मंदिर जाने की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान किसी बात को लेकर परिजनों ने किशोरी को डांट दिया था। उसी से नाराज होकर किशोरी सोमवार की सुबह अकेले घर से निकली और राजघाट पुल पर पहुंच गई। किशोरी ने इधर-इधर देखने के बाद पुल से ही नदी में आत्महत्या करने के लिए छलांग लगा दी। उसी दौरान थाने के ड्राइवर गुजर रहे थे, जो घटना को देखे। करीब 800 मीटर की दूर पर हरिहरपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव मॉर्निंग वाक पर निकले हुए थे। ड्राइवर ने जैसे ही घटना की सूचना चौकी इंचार्ज को दी, चौकी इंचार्ज राजघाट पुल की ओर चल दिए। इधर, नदी में किशोरी हाथ-पैर फेंक कर अपना बचाव करने की कोशिश कर रही थी। बिना देरी किए चौकी इंचार्ज नदी में छलांग लगा दी और किशोरी को सुरक्षित बचा कर बाहर निकाले। तब तक लोगों की भीड़ जुट गई। चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव ने बताया कि किशोरी पारिवारिक कलह में आत्महत्या करने की नीयत से कठिनइया नदी में कूदी थी। उसे सुरक्षित बचा कर परिजनों को सौंप दिया गया। इधर, घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों ने चौकी इंचार्ज की प्रशंसा की। डीएम दिव्या मित्तल और एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि लोगों की सुरक्षा का दायित्व पुलिस का है। चौकी इंचार्ज ने साहस और जोखिम भरा कार्य करके किशोरी की जान बचाई है। एसपी ने कहा कि चौकी इंचार्ज की बहादुरी के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।