भाकियू कार्यकर्ताओं ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिजनों को मुआवजा और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की
मौके पर पहुंचे एडीएम और एएसपी के आश्वासन पर जाम समाप्त किया
दो घंटे तक बंद रहा खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की हत्या के विरोध में रविवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर सपा कार्यकर्ता भी पहुंचे गए और समर्थन दिए। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिजनों को मुआवजा और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे एडीएम और एएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर कार्यकर्ता माने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इस दौरान मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग दो घंटे तक पूरी तरह से बंद रहा।
बखिरा क्षेत्र के बौरव्यास में भाकियू के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की शनिवार की देर शाम गांव के ही कुछ लोगों ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। रात में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रविवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर भाकियू के जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्रा अपने लोगों के साथ पहुंच गए और परिजनों को आर्थिक सहायता, उनकी सुरक्षा, दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, सपा नेता जयराम पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव, केडी यादव पहुंच गए। सपा कार्यकर्ता भी सड़क पर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के चलते एक सच्चे किसान की हत्या हो गई। परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली खां ने कहा कि प्रदेश में हत्याओं का ग्रॉफ बढ़ रहा है। योगी सरकार इस पर लगाम लगाने में विफल है। सपा नेता जयराम पांडेय ने कहा कि योगी सरकार में लगातार ब्राह्मणों की हत्या हो रही है। पीड़ित परिवार को डेढ़ करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव ने भी पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। सूचना पर एडीएम मनोज सिंह, एएसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ अंशुमान मिश्र, कोतवाल मनोज पांडेय पहुंच गए। एडीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कार्यकर्ता माने और शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इस दौरान दो घंटे तक खलीलाबाद और मेंहदावल मार्ग पूरी तरह से बंद रहा।