संतकबीरनगर। अब तक दूध, खोआ और पनीर में मिलावट पकड़ी जाती थी, लेकिन मिलावटखोर अब आलू को भी नहीं छोड़ रहे हैं। खाद्य विभाग की ओर से प्रयोगशाला में भेजे गए आलू के नमूने में शीशे के कण मिले। वहीं क्रिम रोल अधोमानक मिला। मिलावटी आलू या अन्य सब्जी खाने से लोगों के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। खाद्य विभाग अब इन मिलावटखोरों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
तीन माह पहले खाद्य विभाग की टीम ने नवीन मंडी से आलू का सैंपल लिया था। उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा था। आलू में शीशा की मिलावट मिली है। उसके कण आलू में पाए गए हैं। इसके साथ ही आलू में रंग भी था, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। खाद्य विभाग की माने तो आलू के पैदावार वाले स्थान पर ही खेत में जुताई के समय काफी शीशा रहा होगा जो आलू में भी पैदावार के समय आ गया होगा। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
टीम के अनुसार, इसमें आलू को चमकाने के लिए मिलावट भी की जा सकती है। आलू काफी रंगीन था जैसे इसमें गेरूआ रंग की मिलावट हुई हो। यही नहीं क्रिम रोल भी अधोमानक मिला है। इसमे क्रीम पाउडर से बना पाया गया है। इसके साथ ही अन्य पदार्थ भी खराब पाए गए है। खाद्य विभाग इन कारोबारियों पर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी में है। ताकि इनके खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सके।
आलू में कैसे होती है मिलावट
दरअसल, सीमेंट और विशेष रंग की एक मिट्टी को मिलाकर पानी में डालकर एक बेहद पतला घोल बनाया जाता है। इसमें पुराने आलू को डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद उस आलू को निकालकर सुखा लिया जाता है। इस प्रकार आलू के ऊपर मिट्टी की एक हल्की पीली-भूरी परत चढ़ जाती है। इससे आलू की ऊपरी परत नए आलू की तरह आसानी से निकलने लगती है। खुदरा बाजार में सब्जी विक्रेता इसे लोगों को नया पहाड़ी आलू बताकर ऊंची कीमत पर बेच देते हैं।
मिलावट से रहना होगा सावधान
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने कहा कि इन रसायनों से घुली सब्जियों को खाने से शरीर को काफी नुकसान हो सकता है। इससे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना होती है और उन्हें कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर है कि खाने-पीने की चीजों को सफल या किसी अन्य आधिकारिक चेन के माध्यम से खरीदें, जो अपनी वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता के मामले में क्वालिटी स्टैंडर्ड मेंटेन बनाने का काम करते हैं। प्राकृतिक रूप से फलों-सब्जियों कि ऊपरी सतह पर एक विशेष चमक होती है, लेकिन अप्राकृतिक तरीके से ज्यादा चमकीले फलों-सब्जियों को खरीदने से हमें बचना चाहिए। इन्हें खाना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।