धनघटा। धनघटा तहसील परिसर में उपनिबंधक कार्यालय के मुद्दे पर पिछले छह माह से जारी अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को कामयाबी मिलने की उम्मीद जग गई है। बुधवार को धरने पर बैठे अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी के निर्णय की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने बताया कि उपनिबंधक कार्यालय के मुद्दे को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए भवन निर्माण पर एक माह के लिए रोक लगा दिया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्णय को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं का धरना एक माह के स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन धनघटा के तत्वाधान में जारी संघर्ष को कामयाबी मिलने की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आगे अभी और संघर्ष बाकी है। तहसील परिसर में उपनिबंधक कार्यालय को स्थापित करना अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग है।
इसके साथ हीतहसीलदार धनघटा के स्थानांतरण के लिए अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्थानांतरण की मांग को उठाएगा। धरने पर मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में उपनिबंधक कार्यालय स्थापित करने का संकल्प लेते हुए जिलाधिकारी के निर्णय की प्रशंसा की।
इस अवसर पर हनुमान प्रसाद चौधरी, प्रेम नरायन मिश्र, हरिकेश राय, राजू नायक, सुरेंद्र सिंह, राधेश्याम मौर्य, हरिकेश राय, दिलीप तिवारी, रविशंकर पांडेय, सविता त्रिपाठी, दिग्विजय चौहान, श्रवण सिंह चौहान, योगेश कुमार श्रीवास्तव, गंगाराम प्रजापति, संजय कुमार सिंह, राज कुमार उपाध्याय, त्रिपुरेश पांडेय आदि लोग मौजूद थे।