धनघटा तहसील में धरना देते अधिवक्ता
धनघटा। उप निबंधक कार्यालय धनघटा तहसील परिसर में न बनाए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने निर्माण कार्य रूकवा कर संघर्ष को तेज कर दिया है। बुधवार को अधिवक्ता तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते रहे। जिससे तहसील का कामकाज भी प्रभावित रहा।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह और प्रेम नारायण मिश्र का कहना है कि उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण में कार्यदाई संस्था के लोग मनमानी कर रहे हैं। उनको दान में 28 फुट जमीन मिली है तो वह 66 फुट की जमीन में निर्माण कार्य क्यों कर रहे हैं। इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा दो करोड़ 25 लाख रुपये शासन ने उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण के लिए और अवमुक्त किया है। उसे धन का कुछ अधिकारी और कार्यदाई संस्था के लोग बंदरबांट करना चाहते हैं। अधिवक्ता ऐसा कतई नहीं होने देंगे।
अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय भवन का निर्माण किए जाने की बात पहले ही चर्चा में थी। लेकिन मानक के विपरीत होते हुए भी दान में मिली जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इतना ही नहीं निर्माण कार्य में खराब सामग्री का भारी मात्रा में प्रयोग भी किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पैमाइश के बाद जब यह बात सामने आई की रजिस्ट्री कार्यालय भवन 28 की जगह 66 फुट की जमीन में बनाई जा रही है तो एसडीएम ने अधिवक्ताओं की मांग पर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। जब तक अधिवक्ताओं की मांग पूरी नहीं की जाती है तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस मौके पर हनुमान प्रसाद चौधरी, शिव प्रसाद राय, प्रभुनाथ यादव, सुनील पांडेय, रवि शंकर पांडेय, उदयभान, विजय कुमार श्रीवास्तव, राधेश्याम मौर्य, दिलीप तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।