ब्लॉक प्रमुख के पति ने लेखाकार को बंधक बनाकर पीटा
संतकबीरनगर। खलीलाबाद ब्लॉक प्रमुख के पति ने लेखाकार को आवास पर बुलाकर सहयोगियों के साथ मिलकर बंधक बना लिया। आरोप है कि उसे मारपीटा और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। करीब दो घंटे बाद धमकी देते हुए छोड़ दिया। बुधवार को पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख के पति समेत चार लोगों के खिलाफ बंधक बनाने, मारने पीटने, जानमाल की धमकी देने और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
विकास खंड खलीलाबाद में तैनात लेखाकार राम विलास का आरोप है कि वह 21 अगस्त को कार्यालय में बैठकर पटल से संबंधित कार्य कर रहे थे। उसी दौरान ब्लॉक प्रमुख के पति नित्यानंद ने उसे फोन किया। ग्राम पंचायतों में तैनात होने वाले सचिवों के ग्राम पंचायत के आवंटन के बारे में जानकारी मांगी। उनके पटल से संबंघित प्रकरण नहीं था, इसलिए जानकारी देने में अनभिज्ञता जताई। आरोप है कि उसी के कारण ब्लॉक प्रमुख के पति आग बबूला हो गए और अपशब्द कहने लगे। उसने फोन काट दिया।
बाद में उनके नजदीकी व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि प्रमुख के पति आवास पर बुला रहे हैं। वह एक सहयोगी के साथ ब्लॉक प्रमुख के आवास पर गया। आरोप है कि वहां पहुंचते ही प्रमुख के पति ने अपशब्द कहना शुरू कर दिया और दो थप्पड़ मारा। उनके सहयोगी महेंद्र पांडेय और अनिल कुमार पांडेय एवं ग्राम प्रधान कौवाटार ने जाति शब्दों से अपमानित किया। आरोप है कि उसे मारने-पीटन के बाद बंधक बना लिया। वह दो घंटे तक बंधक रहा। दो घंटे के बाद जान से मारने की धमकी देते हुए मुक्त कर दिया।
इस घटना से वह काफी भयभीत है और शासकीय कार्य करने में असमर्थ है। ब्लॉक प्रमुख के पति नित्यानंद प्राथमिक विद्यालय लढ़या में शिक्षक हैं। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख के पति नित्यानंद समेत अन्य के खिलाफ बंधक बनाकर मारने-पीटने, जानमाल की धमकी देने और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
‘साजिश के तहत दर्ज कराया गया केस’
नित्यानंद ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख प्रमिला देवी की तरफ से कई बार लेखाकार से सरकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन जानकारी नहीं दी। आरोप लगाया कि लेखाकार और बीडीओ के जरिए कई प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपमानित किया गया। ब्लॉक प्रमुख के बुलाने पर लेखाकार अनसुना कर देते थे। इसकी शिकायत ब्लॉक प्रमुख की ओर से ग्राम्य विकास मंत्री से की गई थी। मंत्री ने सीडीओ से वार्ता कर समस्या का निस्तारण कराने का कहा है। लेखाकार खुद उनके घर आए थे और अपशब्द कहते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।