प्रकाश ज्योति रैली से शुरू हुआ आमी महोत्सव
आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग
आमी नदी पूर्वांचल की गंगा के समान : रामनारायण
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। विकास खंड बेलहर के देवपुर-पड़रिया में रविवार को दो दिवसीय आमी महोत्सव का शुभारंभ प्रकाश ज्योति रैली से हुआ। इस दौरान लोगों ने आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की। दो दिनों तक चलने वाले महोत्सव में तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
आमी महात्म्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष राम नारायन यादव ने कहा कि आमी नदी पूर्वांचल की गंगा के समान है। यहीं से महात्मा बुद्ध ने पूरे विश्व को मानवता का संदेश दिया था। इसलिए हमें इस धरोहर को सहेजने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस नदी को गोमती नदी की तरह साफ कराकर कचरामुक्त कराते हुए राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव की शुरुआत सात साल पहले विषैली हो चुकी जीवन दायिनी आमी नदी को कचरामुक्त किए जाने की मांग तथा महात्मा बुद्ध व कबीर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। महोत्सव के माध्यम से दुनिया को मानवता तथा आपसी भाईचारे का संदेश देने वाले महात्मा कबीर और बुद्ध के विचारों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक महान सूफी महात्मा संत कबीर दास तथा अहिंसा परमो धर्म: के जनक महात्मा बुद्ध का भी आमी नदी से जुड़ाव रहा है। इसलिए आमी का ऐतिहासिक महत्व है। इसलिए इस धरोहर को बचाए रखना, हम सबकी जिम्मेदारी है। महोत्सव में क्षेत्र के तमाम गणमान्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रविवार को देवपुर-पड़रिया पुल से दुर्गजोत होते हुए नंदौर कस्बे तक एक विशाल सद्भावना यात्रा निकाली गई। इसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों ने आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की। इससे पूर्व लोगों ने बुद्ध और कबीर के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही कलाकारों ने संगीत के माध्यम से आमी नदी को प्रदूषण मुक्त करने पर नाटक प्रस्तुत किया। इस दौरान घनश्याम, कुंवरजीत सिंह, बुद्धिराम, आकाश यादव, बाबूलाल, पन्नालाल, लालमन, संतराम, मुकेश कुमार, राधिका देवी, प्रभावती देवी, गुलाबी देवी आदि मौजूद रहीं।