समूहों के बनाए पोषाहार को खाएंगे आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए अब जिले में ही पोषाहार तैयार किया जाएगा। इस कार्य को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। पोषाहार बनाने के लिए गुजरात की कंपनी चार ब्लॉकों में टेक होम राशन केंद्र/प्लांट स्थापित करेगी।
जिले के 1200 समूहों ने इस कार्य के लिए 90 लाख रुपये जुटाए हैं। गुजरात की तुलसी एग्रो कंपनी से अनुबंध हुआ है। समूहों की ओर से जगह चिह्नित किया गई है, जहां नामित कंपनी की ओर से प्लांट स्थापित किया जाएगा। समूह की जुड़ी महिलाएं पोषाहार तैयार करेंगी। तैयार पोषाहार को पैकेट में रखा जाएगा। फिर उसकी आपूर्ति आंगनबाड़ी केंद्रों पर की जाएगी। जिला मिशन प्रबंधक महजबीन खान ने बताया कि सेमरियावां, हैंसर बाजार, नाथनगर और खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र में प्लांट स्थापित होगा। सेमरियावा के लगड़ावार और हैंसर बाजार के सुरैना व खलीलाबाद के इंडस्ट्रीयल एरिया में प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। नाथनगर में अभी जगह चिह्नित नहीं हो सकी है। पोषाहार बनाने के लिए 1200 समूहों की ओर से 90 लाख रुपये जुटाए गए हैं। 300 समूहों ने मिलकर कम्युनिटी लेबल फेडरेशन बनाया है। गुजरात की तुलसी एग्रो कंपनी से अनुबंध हुआ है। सेमरियावां में गार्गी महिला फेडरेशन लघु उद्योग की 20 महिलाओं, हैंसर बाजार में कबीर महिला प्रेरणा उद्योग की 20 महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। नाथनगर और खलीलाबाद में 20-20 महिलाओं का एसोसिएशन अभी गठित नहीं हुआ है। इस दिशा में काम चल रहा है। एक ब्लॉक में प्रति महीने 70 टन पोषाहार का उत्पादन होगा। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को खाने के लिए अपने जिले में ही तैयार पोषाहार मिलेगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक दशा सुधरेगी।
जिले के चार ब्लॉकों में प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है, जहां अनुबंधित कंपनी तुलसी एग्रो प्लांट लगाएगी। समूह की जुड़ी महिलाएं पोषाहार तैयार करेंगी और फिर इसे आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाएगा। दीपावली के बाद यह काम शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इस पहल से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
- दुर्गा दत्त शुक्ल ,प्रभारी सीडीओ