अब ऑनलाइन दर्ज होगी वरासत, डीएम ने दिए निर्देश
प्रक्रिया के बारे में डीएम ने अधिकारियों को दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। वरासत की प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी गई है। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने यह जानकारी देते हुए जिले के उप जिलाधिकारियों को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-33(1) की इस प्रक्रिया का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनसामान्य को पारदर्शी एवं सुगम तरीके से सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत आवेदक आरसी प्रपत्र नौ पर आवेदन करेंगे तथा लेखपाल अपनी रिपोर्ट देंगे। आवेदक किसी भी जनसेवा केंद्र से राजस्व परिषद की वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर दर्जकर ओटीपी प्राप्त करेंगे। पुन: ओटीपी भरकर पंजीकरण करेंगे तथा वांछित सूचनाएं भरेंगे। डीएम ने बताया कि लेखपाल अपने आईडी से उत्तराधिकार/वरासत संबंधी विवरण भरेंगे। जांच आख्या ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। विभिन्न स्तरों पर समय-समय पर की गई कार्रवाई की सूचना आवेदक के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी। विवादित प्रकरण होने पर लेखपाल पांच दिन के अंदर यह सूचना अंकित करेंगे। यदि अविवादित वरासत के मामले ऑफलाइन भी प्राप्त होता है तो लेखपाल अपने आईडी से प्रार्थना पत्र को ऑनलाइन फीड करेंगे। डीएम ने बताया कि एक दिसंबर-2018 के बाद पोर्टल लॉक कर दिया जाएगा एवं अविवादित वरासत संबंधी ऑफलाइन आवेदन पर पारित आदेश की प्रविष्टि राजस्व अभिलेख में नही हो पाएगी। इसलिए संबंधित अधिकारी एक दिसंबर से पहले इसे अभिलेखों में दर्ज कराएं।
हैसियत प्रमाण पत्र के लिए करें आवेदन
संतकबीरनगर। हैसियत प्रमाण पत्र के लिए अब ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। इसके लिए देय राशि 100 रुपये तय की गई है। यह जानकारी डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने देते हुए बताया कि जनसेवा केंद्र से आवेदन करने पर 120 रुपये देना होगा। किसी भी शासकीय देय बकाया होने पर विभागवार विवरण देना होगा। हैसियत प्रमाण पत्र दो वर्ष के लिए मान्य होगा। बंधक संपत्ति का मूल्यांकन मान्य नहीं होगा। बैंक में जमा धनराशि आवेदन से कम से कम तीन माह पहले से जमा होनी चाहिए और कार्य पूरा होने तक बैंक में अवश्य जमा रहनी चाहिए।