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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: एक दूजे के हुए 611 जोड़े

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: एक दूजे के हुए 611 जोड़े
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- 548 जोड़ों का हिंदू व 63 जोड़ों का मुस्लिम रीति रिवाज से हुआ विवाह
- वर-वधू को डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को शहर के एक मैरिज हाल में 611 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसमें 548 जोड़े हिंदू व 63 मुस्लिम जोड़े शामिल हैं। नव दंपतियों को डीएम दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, सीडीओ एसएन श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मुखलिसपुर रोड स्थित मैरिज हाल में हुए कार्यक्रम में धनघटा तहसील के 145, मेंहदावल तहसील 232 व खलीलाबाद तहसील के 234 जोड़ो का विवाह धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार संपन्न कराया गया।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे गरीब परिवारों के लड़के-लड़कियों की शादी करवाना है, जो शादी का खर्च स्वयं नही उठा सकते। उन्होंने बताया कि यह योजना मुख्यमंत्री द्वारा गरीब कन्याओं की शादी के लिए सबसे अच्छी पहल है और अब कोई भी गरीब परिवार अपनी लड़की की शादी को लेकर खुद पर बोझ नहीं महसूस करेगा, क्योकि इसमें शादी का पूरा खर्चा प्रदेश सरकार उठाती है। डीएम ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के कुल 611 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिसमें 548 जोड़ों का हिंदू धर्म की परंपरा एवं धार्मिक रीति रिवाज के साथ गायत्री परिवार के विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराया गया, जबकि 63 जोड़े का मुस्लिम धर्म के अनुसार मौलवी/काजी द्वारा निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में उपहार स्वरूप लड़की के खाते में 35 हजार की धनराशि सहित पायल, बिछिया, बर्तन सेट, वर-वधू को कपड़ा और अटैची आदि के अलावा वन विभाग द्वारा एक-एक आम व अमरूद का पौधा भी दिया गया। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, डीसी मनरेगा, सुरेश कुमार सरोज सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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इंसेट-
शादी कार्यक्रम में नहीं दिखा कोरोना नियमों का पालन
मुख्यमंत्री शादी समारोह में अव्यवस्था झलकी। भीड़ इस कदर बढ़ गई कि मैरिज हाल के मुख्य गेट पर ही एक-दूसरे के ऊपर लोग चढ़ते दिखाई दिए। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते लोग नहीं देखे गए। वैसे सामूहिक विवाह तीन पालियों में कराया गया। तीनों पालियों में जबरदस्त भीड़ रही, जो कारोना नियमों का पालन नहीं करते दिखे। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि एक जोड़े पर सिर्फ पांच लोग को आने की अनुमति थी, लेकिन 10 से 15 लोग आ गए। जिससे भीड़ काफी बढ़ गई और कारोना नियमों का ठीक से पालन नहीं कराया जा सका। आगे से इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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अलग-अलग संप्रदाय के युवक-युवती ने की शादी
सामूहिक विवाह समारोह में 611 जोड़ों का विवाह रीति-रिवाज के साथ हुआ। जिसमें सेमरियावा क्षेत्र का रहने वाला एक जोड़ा, ऐसा था, जो अलग-अलग संप्रदाय का था। हिंदू युवक ने मुस्लिम युवती से शादी की। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि यह अच्छी बात है। इससे सामाजिक समरसता का संदेश जाएगा।
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व्यवस्था में कमी, पूरे दिन जाम से जूझे लोग
शहर के मुखलिसपुर स्थित मैरेज हाल में सामूहिक विवाह के दौरान बाहर लोग दिनभर जाम से जूझते रहे। जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। हालांकि यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मी लगातार सक्रिय रहे, फिर भी भीड़ ज्यादा होने के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। कुछ लोग विधियानी मोड से रेलवे स्टेशन होकर आने-जाने को मजबूर हुए। शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद लोगों को जाम से राहत मिल सकी। अव्यवस्था की वजह से मुखलिसपुर ओवरब्रिज से लेकर बिधियानी मोड़ तक जाम लगा रहा। जाम में फंसे लोगों को घंटों जूझना पड़ा।
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