मिशन शक्ति कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 61 महिलाएं सम्मानित
महिलाओं के उत्थान की दिशा में सरकार कर रही कार्य: राकेश सिंह बघेल
महिला सशक्तीकरण एवं जागरूकता से ही विकास संभव: दिव्या मित्तल
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस बरत रही सतर्कता: डॉक्टर कौस्तुभ
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन शक्ति के तीसरे चरण के शुभारंभ पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुआ। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पर भी कार्यक्रम हुआ। इसमें महिलाओं को एक-एक मास्क और राखी भेंट की गई।
विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा उनके स्वावलंबन के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। वर्तमान में महिलाओं की दशा में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का परिणाम है कि महिलाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मातृत्व सुरक्षा योजना के साथ-साथ कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, स्वामित्व योजना बेहद महत्वाकांक्षी है। इन योजनाओं से समाज में महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं हैं।
डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत सरकार की वित्त एवं कारपोरेट कार्यमंत्री निर्मला सीतारमण ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में किया है। इस समारोह में कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 1.55 लाख कन्याओं को अनुदान राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की गई। इसमें जिले की 1768 कन्याओं को लाभान्वित किया गया।
डीएम ने कहा कि जब तक हमारे समाज में महिला सशक्तीकरण एवं जागरूकता नहीं फैलेगा, तब तक देश का विकास संभव नहीं है। उपस्थित सभी महिलाओं से आह्वान किया कि महिला सशक्तीकरण एवं महिलाओं पर हो रहे अपराधों के संबंध में जनजागरूकता से ही एक बेहतर समाज का निर्माण हो सकता है। इसके लिए सभी महिलाओं को बढ़-चढ़कर समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है। प्रत्येक थानों पर महिला कांस्टेबल की नियुक्ति है। अलग से महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है। महिला संबंधी अपराधों में पुलिस बेहद संजीदा है। महिलाओं को भी समाज में अपराधों की रोकथाम में आगे आने चाहिए। अपराध दबाने से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। ऐसे में अपने आस-पास होने वाले अपराधों को दबाए नहीं, बल्कि पुलिस को सूचना देकर अपराधों को रोकने में मदद करें। इस दौरान पुलिस विभाग की डॉ. शालिनी सिंह, प्रतिभा सिंह, ग्राम्य विकास विभाग से अनीता, अनीता सिंह समेत 61 महिलाओं को महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान सीडीओ अतुल मिश्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता त्रिपाठी, जिला विकलांग अधिकारी प्रियंका यादव, अशोक सिंह आदि उपस्थित रहे। इसी तरह सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को एक-एक मास्क और राखी भेंट की गई।