कॉन्टेंट क्रिएटर हर्षवर्धन वर्मा
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कॉन्टेंट क्रिएटर हर्षवर्धन वर्मा ने कहा, '2020 के पहले जब मंदिर बनने की शुरुआत नहीं हुई थी तो अयोध्या को एक विवाद के रूप में देखा जाता था। सबको बनारस जाना है, केदारनाथ जाना है घूमने, लेकिन किसी को अयोध्या नहीं आना होता था। अयोध्या का नाम लोग विवाद की तरह लेते थे, लेकिन अयोध्या मेरे लिए आस्था है। मैंने कहा अयोध्या की जो हिडने ब्यूटी है, जिन मंदिरों के बारे में लोग नहीं जानते हैं उनके बारे में दुनिया को बताते हैं। शुरुआत फोटोग्राफी से हुई थी, जिन मंदिरों के बारे में लोग कम जानते हैं उनके बारे में लोगों को बताया और लोगों ने उसे पसंद किया। वहां से जर्नी की शुरुआत हुई और पेज की शुरुआत पांच अगस्त 2020 से हुई, जिस दिन हमारे रामलला के मंदिर का भूमिपूजन हुआ था।'
कॉन्टेंट क्रिएटर हर्षवर्धन वर्मा ने कहा, 'अयोध्या एक अध्यात्मिक शहर है तो अयोध्या में हम कुछ भी करेंगे स्प्रिचुअल ही होगा। बचपन से मैंने रामलला का संघर्ष देखा था तो ये था कि ये जीवन रामलला के लिए ही है, जो भी कुछ करना है राम के लिए ही करना है।' अयोध्या में परिवर्तन को लेकर उन्होंने कहा, 'अयोध्या में बहुत परिवर्तन आया है। चाहें लोकल अयोध्यावासी हों या बाहरी लोग हों। आमदनी जिसकी एक रुपये थी आज उसकी आमदनी दस रुपये हो गई है। आज अयोध्या में हर जगह होम स्टे खुल गए, होटल खुल गए और लोगों को व्यवसाय बढ़ गया।
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हर्षवर्धन वर्मा ने कहा, 'लोग यही कहते थे कि मंदिर बनने से क्या होगा और क्या मिलेगा अयोध्या को तो बता दें आज अयोध्या को एयरपोर्ट मिल गया है, वर्ल्ड क्लास का रेलवे स्टेशन, अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और अयोध्या के अंदर फोर लेन रोड मिल गई है। यह सब मंदिर बनने से ही मिला है। अयोध्या के राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है और रामायण विश्वविद्यालय भी लगभग बनकर तैयार हो चुका है। हमने मंदिर भी बनाया, धर्म और कर्म सबकुछ निभाया। मेरे लिए मेरा धर्म सबसे बड़ा है, लेकिन मैं किसी के धर्म की बुराई नहीं करता। मैं राम के लिए काम करता हूं और करूंगा।'