घटना की जानकारी होने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में पुलिस बल जिला न्यायालय जा पहुंचा और प्लाटून कमांडर से जानकारी की। कोतवाल ने घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। आरोपी के पकड़ने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली गई। रात में ही जिला न्यायालय परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस कर्मियों ने न्यायालय परिसर में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, लेकिन किसी प्रकार का कोई विस्फोटक नहीं मिला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बनियाठेर, कुढ़फतेहगढ़, बहजोई पुलिस को भी बुलाया गया था। रात भर पुलिस सतर्क रही रही और मंगलवार की सुबह पांच बजे सामूहिक टीम ने न्यायालय के बाहर से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रोहताश, नौरंगी, रवि बताए हैं। जिसमें रवि आंखों से दिव्यांग है। जबकि तीनों आरोपी सगे भाई हैं। प्लाटून कमांडर को फोन रोहताश ने किया था और धमकी दी थी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।